Home Breaking News Emin Zhaparova: ‘भारत से संबंध गहरे करना चाहता है यूक्रेन’, चीन की आक्रामकता पर एमिन झापरोवा ने दिया बड़ा बयान

Emin Zhaparova: ‘भारत से संबंध गहरे करना चाहता है यूक्रेन’, चीन की आक्रामकता पर एमिन झापरोवा ने दिया बड़ा बयान

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Emin Zhaparova: ‘भारत से संबंध गहरे करना चाहता है यूक्रेन’, चीन की आक्रामकता पर एमिन झापरोवा ने दिया बड़ा बयान

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Deputy Foreign Minister of Ukraine Emin Zhaparova said that her country wants to deepen relations with India

यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमिन झापरोवा
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमिन झापरोवा इन दिनों भारत के पहले आधिकारिक दौरे पर हैं। यहां उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा, विदेश और संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी से भी मुलाकात की। नेताओं से मुलाकात के बाद झापरोवा एक थिंक टैंक के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूक्रेन भारत के साथ करीबी और गहरे संबंध चाहता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी आक्रामकता जो किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठा सकती है, बहुत बड़ी चिंता का विषय है। भारत को ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए। वहीं पाकिस्तान को लेकर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ यूक्रेन के संबंध भारत के हितों के खिलाफ नहीं हैं। 

भारत के साथ आने की अपील

अपने संबोधन के दौरान यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमिन झापरोवा ने कहा कि यूक्रेन भारत के साथ करीबी और गहरे संबंध चाहता है। आईसीडब्ल्यूए में उन्होंने कहा कि मैं यहां एक बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश के साथ आई हूं कि यूक्रेन वास्तव में चाहता है कि भारत और यूक्रेन करीब आएं। हमारे इतिहास में अलग-अलग पृष्ठ हैं। बावजूद इसके हम एक नया अध्याय शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें कीव में भारतीय नेताओं और अधिकारियों का स्वागत करने में भी खुशी होगी।

झापरोवा ने कहा कि रूस के साथ युद्ध में भारत एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। हम संप्रभु देशों के फैसलों का सम्मान करते हैं। भारत भी अन्य देशों के साथ संबंध बना रहा है। उप मंत्री ने यह भी कहा कि यूक्रेन भारत के साथ महत्वपूर्ण सैन्य प्रौद्योगिकियों और विशेषज्ञता को साझा करने के लिए तैयार है। झापरोवा ने कहा कि भारत दूरदर्शी परिवर्तन देख रहा है। उसे यूक्रेन के साथ नए संबंध बनाने में कुछ समय लग सकता है यह संबंध व्यावहारिक और संतुलित दृष्टिकोण पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मैं यहां जो सुझाव लेकर आई हूं, वह भारत के साथ बेहतर और गहरे संबंध बनाने के लिए है। इसके लिए पारस्परिकता की जरूरत है। हमने दरवाजा खटखटाया है, लेकिन यह घर के मालिक पर भी है कि वह दरवाजा खोले।’



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