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सुखजिंदर सिंह रंधावा और सचिन पायलट।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की चेतावनी और सचिन पायलट को पार्टी विरोधी गतिविधि और अनुशासनहीनता नहीं करने की हिदायत बेअसर रहने के बाद अब रंधावा खुलकर पायलट के विरोध में उतर आए हैं। मीडिया से रूबरू हुए रंधावा ने साफ कहा कि मैं राजस्थान को पंजाब नहीं बनने दूंगा। पायलट पर पहले भी सियासी संकट पैदा करने और बगावत करने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने का सवाल पर रंधावा बोले- उस वक्त में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी नहीं था। अगर होता,तो आपको बताता। रंधावा ने मीडिया से साफ कहा कि पायलट पर पहले कई बार कार्रवाई नहीं हुई,जो होनी चाहिए थी, लेकिन अब होगी।
पायलट पर पहले कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन अब होगी
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में रंधावा ने कहा कि मैं सारे मामलों को देख रहा हूं। भ्रष्टाचार को लेकर सचिन पायलट ने मुद्दा जिस तरह उठाया है, मुद्दे को उठाने का वह तरीका गलत है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट को लेकर पहले अनुशासनहीनता की कार्रवाई होनी चाहिए थी। लेकिन उस वक्त नहीं हुई थी, पर अब कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अब अनुशासनहीनता मेरे रहते नहीं चलेगी और कोशिश होगी कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट देने के बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे को इस पर कार्रवाई करनी है। उन्होंने मीडिया से कहा मुझे 2 दिन का समय दीजिए। सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि राजस्थान के नेता पंजाब जैसी बातें नहीं कर रहे हैं । सीएम अशोक गहलोत को लेकर 100 विधायक एकजुट हैं।
गहलोत गुट के मंत्री-नेताओं की अनुशासनहीनता के मुद्दे से झाड़ा पल्ला
प्रभारी रंधावा ने 25 सितंबर 2022 को हुए घटनाक्रम और विधायक दल की बैठक से अलग पैरेलल बैठक करने वाले 3 नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के बारे में इतना ही कहा कि मैं उस वक्त नहीं था और इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
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