Home Breaking News चीन की दुखती रग पर भारत ने रखा हाथ! अरुणाचल के तवांग में बौद्ध नेताओं की बड़ी बैठक, जानिए क्या हैं इसके मायने

चीन की दुखती रग पर भारत ने रखा हाथ! अरुणाचल के तवांग में बौद्ध नेताओं की बड़ी बैठक, जानिए क्या हैं इसके मायने

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चीन की दुखती रग पर भारत ने रखा हाथ! अरुणाचल के तवांग में बौद्ध नेताओं की बड़ी बैठक, जानिए क्या हैं इसके मायने

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तवांग मठ चीन के लिए अहम
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश की 11 जगहों का नामकरण करने की कोशिश की थी। जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि अब भारत ने कुछ ऐसा किया है, जिसे कह सकते हैं कि चीन की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। दरअसल अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हिमालयी क्षेत्र के टॉप बौद्ध नेताओं का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है। इस सम्मेलन में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी शिरकत की। 

हिमालय क्षेत्र में बौद्ध धर्म को बढ़ावा देने की कोशिश

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के जेमीथांग इलाके में गोरसाम स्तूप में नालंदा बौद्ध परंपरा के एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन सोमवार को किया गया। यह बेहद दुर्लभ है कि हिमालयी क्षेत्र के बौद्ध नेता इतनी बड़ी संख्या में एक साथ आए हैं। इसे साफ तौर पर चीन को जवाब माना जा रहा है। खास बात ये है कि जिस जेमीथांग गांव में यह सम्मेलन हो रहा है, वह अरुणाचल प्रदेश का भारत-चीन सीमा पर आखिरी गांव है। इस सम्मेलन में 600 बौद्ध प्रतिनिधि शामिल हुए। हिमालय क्षेत्र में बौद्ध धर्म को बढ़ावा देने के लिहाज से यह बड़ा सम्मेलन माना जा रहा है।  

पेमा खांडू ने तिब्बत से जोड़ा संपर्क

इस बौद्ध सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, सिक्किम, उत्तरी बंगाल और अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तुतिंग, मेचुका, ताकसिंग और अनिनी आदि जगहों से 35 बौद्ध प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि बौद्ध संस्कृति ना सिर्फ संरक्षित करने की जरूरत है बल्कि इसका प्रचार करने की भी जरूरत है। पेमा खांडू ने ये भी कहा कि जेमीथांग ही वो जगह है, जहां से दलाई लामा पहली बार भारत में दाखिल हुए। ऐसे में यहां सम्मेलन का आयोजन अहम है। पेमा खांडू ने ये भी कहा कि नालंदा यूनिवर्सिटी के स्कॉलर्स आचार्य संतरक्षिता और नागार्जुन आदि ने ही तिब्बत में बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया। 



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