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अशरफ और अतीक। फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला।
यूपी के प्रयागराज में पुलिस हिरासत में हुई माफिया अतीक और अशरफ की हत्या समेत 183 मुठभेड़ों की जांच की मांग उठी है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन करते हुए जांच कराने की मांग को लेकर अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।
बाइक सवार बदमाशों ने की थी माफिया अतीक और अशरफ की हत्या
पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडियाकर्मी बनकर आए तीन बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में दोनों को आनन-फानन स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके से दो पिस्टल व छह खोखे मिले हैं। गौरतलब है कि उमेश पाल अपहरण कांड में एमपीएमएलए अदालत ने अतीक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतीक अहमद पर सौ से अधिक मुकदमे चल रहे हैं।
अतीक-अशरफ के साथ एक इंस्पेक्टर, सात दरोगा व 13 सिपाही थे मौजूद
कॉल्विन अस्पताल में हुए शूटआउट के दौरान जिला पुलिस के 20 जवानों पर तीन शूटर भारी पड़े। वारदात के दौरान घटनास्थल पर अतीक व अशरफ के साथ एक इंस्पेक्टर, सात दरोगा व 13 सिपाही-दीवान मौजूद थे। अतीक व अशरफ को लेकर धूमनगंज थाने से लेकर पुलिस टीम रात 10.19 मिनट पर बाहर निकली। लगभग 15 मिनट बाद टीम कॉल्विन अस्पताल के बाहर पहुंच चुकी थी। इस टीम का नेतृत्व धूमनगंज थाने के इंस्पेक्टर और उमेशपाल हत्याकांड के विवेचक राजेश कुमार मौर्य कर रहे थे।
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