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शहीद हरकृष्ण की अर्थी को कंधा देतीं उनकी मां और पत्नी
– फोटो : ANI
विस्तार
पुंछ में शहीद हुए सैनिक हरकृष्ण सिंह का बटाला के गांव तलवंडी भरथ में अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार रात करीब 12 बजे शहीद का पार्थिव शरीर राष्ट्रीय ध्वज से लिपटे हुए एक ताबूत में पैतृक गांव पहुंचा। शनिवार को गांव तलवंडी भरथ में पूरे सैन्य और सरकारी सम्मान के साथ शहीद का अंतिम दाह संस्कार कर दिया गया।
शनिवार जब शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाने लगा तो पूरे परिवार में कोलाहल मच गया। शहीद की मां प्यार कौर और पत्नी दलजीत कौर ने शहीद की अर्थी को कंधा दिया। शहीद के पार्थिव शरीर को पिता मंगल सिंह ने मुखाग्नि दी। पिता, माता और पत्नी ने शहीद को सैल्यूट कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान डीसी गुरदासपुर डॉ. हिमांशु अग्रवाल, बटाला विधायक अमनशेर सिंह शैरी कलसी, एसएसपी बटाला, एसडीएम बटाला ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
सीएम ने फोन कर शहीद के पिता को दी सांत्वना
शहीद हरकृष्ण सिंह के अंतिम संस्कार से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनके पिता मंगल सिंह से मोबाइल पर बात की और उनसे सांत्वना जताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें जल्द ही गांव तलवंडी भरथ में आने का भरोसा भी दिया। मोबाइल पर परिवारिक सदस्यों की मांगों को स्वीकार करते हुए सीएम मान ने गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद के नाम पर, गांव में शहीद के नाम पर स्टेडियम बनाने का और आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शहीद की इस शहादत का मूल्य नहीं मोड़ सकते।
बचपन में अपने पिता की वर्दी पहनते थे हरकृष्ण सिंह
देश की सेवा करने का जज्बा हरकृष्ण सिंह को बचपन से ही था। उनके पिता मंगल सिंह ने बताया कि जब हरकृष्ण सिंह छोटा था तो वह उनकी वर्दी पहन कर कहता था कि वह भी एक दिन उन्हीं की तरह फौजी बनेगा और देश की सेवा करेगा। वह अपने बेटे को कहते थे कि वह उनकी वर्दी ना डाला करे, बड़ा होकर अपनी वर्दी प्राप्त करे। आज उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनका बेटा आतंकियो से लोहा लेते वक्त शहीद हो गया।
पत्नी बोली, बेटी को आईपीएस बना करूंगी पति का सपना साकार
शहीद की गर्भवती पत्नी दलजीत कौर ने बताया कि उसके जीवन का यह घाटा कभी पूरा नहीं हो सकता लेकिन उसे गर्व है कि उसके पति ने देश की सेवा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पति का सपना था कि उनकी बेटी आईपीएस अधिकारी बने। वह अपने पति के इस सपने को पूरा करने के लिए पूरा जोर लगा देगी।
इस पर अवसर शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि पुंछ में सैन्य वाहन पर हुआ आतंकी हमला पाकिस्तान की शह पर हुआ है, उसने वर्षों से कश्मीर में जो मिनी युद्ध छेड़ा हुआ है उसमें आए दिन हमारे सैनिक अपने बलिदान दे रहे हैं इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि अपने पांच जवानों के बलिदान का बदला पाकिस्तान पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक कर ले ताकि भविष्य में कोई भी सैनिक शहादत का जाम न पी सके। उन्होंने शहीद परिवार को फोन कर ढांढस बंधाने और परिवार से भेंट कर हर मांग पूरी करने का भरोसा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त किया।
शहीद के अंतिम दर्शन न कर सका परिवार
शहीद हरकृष्ण का परिवार उनकी पार्थिव देह लेकर आए सैनिकों से उसके अंतिम दर्शन करने की गुहार लगाता रहा लेकिन उनकी यूनिट के अधिकारी ने यह कह कर मना कर दिया कि हरकृष्ण का पार्थिव शरीर देखने की स्थिति में नहीं है। इससे उन्हें और भी कष्ट होगा। उन्होंने कहा सारी यूनिट के जवान उनके बेटे समान हैं और इस दुख की घड़ी में भारतीय सेना उनके साथ खड़ी है।
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