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जम्मू में नमाज अदा करते लोग
– फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकी हमले में पांच जवानों के शहीद होने का दुख देश भर के लोगों में है। शनिवार को देश के सभी हिस्सों में ईद मनाई गई लेकिन जिस इलाके में जवानों पर आतंकी हमला हुआ वहां के लोगों ने ईद नहीं मनाई। सिर्फ नमाज अदा कर शहीदों के परिजनों के लिए दुआ मांगी गई।
गांव वाले शहीदों के परिजनों के साथ खड़े
संगयोट गांव के सरपंच ने बताया कि इस हमले का सभी गांव वालों ने विरोध जताया है। इसलिए इस दुख की घड़ी में उन्होंने त्योहार नहीं मनाया। सभी शहीदों के परिजनों के साथ खड़े हैं। बताया कि हमले के बाद से गांव वालों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षाबलों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य भी चलाया था।
इफ्तार पार्टी के लिए फल और सब्जी लेने गए थे जवान
पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर वीरवार दोपहर बाद तीन बजे के करीब सेना की 49 राष्ट्रीय राइफल (आरआर) का सैन्य वाहन रसद लेकर भिंबर गली से गांव संगयोट स्थित सैन्य मुख्यालय रहा था। इस समय हमला हुआ उस समय वाहन में इफ्तार पार्टी के लिए सब्जियां, फल, अंडे एवं अन्य सामग्री लदी हुई थी। जवान मुख्यालय से सुबह ही खाद्य सामग्री लेने बींबर गली गए हुए थे। ताकि समय पर सामान लाकर कंपनी में पहुंचाई जाए।
आतंकी हमले के बाद सेना ने खंगाले राजोरी के जंगल
राजोरी और पुंछ सीमा से सटे भाटादूड़ियां क्षेत्र में आतंकी के बाद सेना ने हरकत में आते हुए राजोरी के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। सेना के जवानों ने बीजी और मंजाकोट से सटे जंगली इलाकों में चप्पे-चप्पे को खंगालना शुरू कर दिया है।
इस हमले में शहीद होने वालों में चार जवान पंजाब और एक ओडिशा का है। हमलावरों की संख्या चार से पांच बताई गई है।आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
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