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Amritpal singh:
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पंजाब पुलिस के आईजी (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने पुलिस मुख्यालय में बुलाई प्रेस वार्ता में बताया कि अमृतपाल सिंह के रोडे गांव में मौजूद होने की खुफिया जानकारी के बाद एक संयुक्त अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि हमारे पास विशेष इनपुट थे कि अमृतपाल रोडे गांव में मौजूद है। उसे घेर लिया गया तो उसके बचने का कोई मौका नहीं था।
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पुलिस ने रविवार सुबह ही रोडे गांव और वहां स्थित गुरुद्वारे को घेर लिया था। गिल ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि उसे गिरफ्तार किया गया है। उसने आत्मसमर्पण नहीं किया है। यह ऑपरेशन ठोस और विश्वसनीय इनपुट पर आधारित था।
नियोजित है अमृतपाल का घटनाक्रमः शशिकांत
पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत ने कहा है कि अमृतपाल सिंह का पंजाब आना और यहां रहकर खालिस्तान के लिए हवा बनाने की कोशिश करना एक सुनियोजित घटनाक्रम की ही हिस्सा है। अमृतपाल को उसके विदेश में बैठे आका ही चला रहे थे और वहीं अमृतपाल की मदद भी कर रहे थे। अमृतपाल अब तक जो कुछ भी करता रहा, वह पूरी तरह सुनियोजित था। उसे दुबई से सीधे गांव रोडे पहुंचाया गया, ‘वारिस पंजाब दे’ के नए मुखिया के तौर पर दस्तारबंदी की गई।
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उन्होंने कहा कि यह सारी गतिविधियां अमृतपाल के लिए उसके विदेशी आकाओं ने ही संचालित कीं और पैसा भी वहीं से खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि अमृतपाल की गिरफ्तारी से यह समझ लेना कि पूरा घटनाक्रम समाप्त हो गया है, गलत होगा। उसकी गिरफ्तारी का पूरा प्रपंच सोची-समझी साजिश के तहत रचा हुआ दिखाई दे रहा है।
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