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चैनल वी के शो ‘दिल दोस्ती डांस’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता शांतानु माहेश्वरी अब बड़ी फिल्मों का हिस्सा बनने लगे हैं। शांतनु ने शो मैन संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा है। उनकी एक वेब सीरीज ‘टूथ परी: व्हेन लव बाइट्स’ बीते हफ्ते नेटफ्लिक्स पर प्रसारित हुई है। शांतनु से एक खास बातचीत।
लगता है ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद आपके पास प्रेम कहानियों के प्रस्ताव खूब आ रहे हैं?
हां, इस फिल्म में मेरे काम को जो प्रशंसा मिली इसके बाद से मुझे काम तो आने ही लगे हैं लेकिन मैं ये नहीं कहूंगा कि सिर्फ प्रेम कहानियां ही आ रही हैं। प्रेम कहानियों के इतर भी मुझे कई तरह के किरदार करने के लिए चुना जा रहा है और मैं इस बात से बेहद खुश हूं। हालांकि, मेरा ये भी मानना है कि अगर प्रेम कहानियां भी आती है तो करने में कोई हर्ज नहीं हैं क्योंकि आपका प्रेम को कहने और करने का तरीका अलग होना चाहिए।
मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि मैं टीवी पर आऊंगा या फिर अपने डांस के जरिए भारत का प्रतिनिधित्व विदेश में भी करूंगा। संजय लीला भंसाली के साथ अपनी पहली फिल्म करना मेरे लिए अब तक का सबसे खूबसूरत पल रहा है। मैंने जो चीजें कभी अपने सपने में भी नहीं सोची था इस जीवन ने मुझे वह सब दिया है। मैं कोलकाता से हूं और वहां सिर्फ डांस करता था कभी पता भी नहीं था कि मुंबई आऊंगा, कैमरे पर डांस करूंगा, ऐक्टिंग करूंगा पर सब कर रहा हूं। (साल 2015 में शांतनु एक डांस ग्रुप बिंदास नाच के देसी हॉपर्स से जुड़े। इस ग्रुप ने साल 2017 वर्ल्ड ऑफ डांस में हिस्सा लिया और यह शो जीता भी)।
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शुरू में तो सबको ही ऑडिशन के जरिए ही काम मिलता है तो मैंने भी खूब ऑडिशन दिए हैं। कई बार ऐसा भी हुआ कि मुझे किसी शो के लिए चुन लिया जाता था लेकिन फिर बाद में रिजेक्शन कॉल भी आ जाता था तो इस तरह से निराश भी होना पड़ा है। लेकिन जबसे मैंने ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ की है तबसे मुझे इंडस्ट्री में एक अलग नजरिए से देखा जाने लगा है। अब मुझे उस तरह से ऑडिशन नहीं देने पड़ते हैं। मुझे देख कर रोल लिखे जाने लगे हैं।
मेरे माता पिता बहुत खुश थे, या यूं कहूं कि वो मुझसे भी ज्यादा खुश थे। मुझे कभी खुद पर भरोसा नहीं था लेकिन उनको मुझ पर मुझसे भी ज्यादा भरोसा था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि कैमरे के सामने आकर काम करूंगा लेकिन वे बोलते थे कि तुमको करना चाहिए। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे इतने अच्छे और समझदार माता पिता मिले हैं। मेरे पिताजी राजेंद्र कुमार माहेश्वरी का बिजनेस है और मेरी माता संध्या एक गृहणी है। एक बड़े भाई हैं जिनकी शादी हो चुकी है।
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