Home Sports 2 वर्ल्ड कप जीतने वाले भारतीय दिग्गज के लिए क्यों फरिश्ता हैं सचिन? खुद सुनाई कहानी, बताया कौन सी पारी है खास

2 वर्ल्ड कप जीतने वाले भारतीय दिग्गज के लिए क्यों फरिश्ता हैं सचिन? खुद सुनाई कहानी, बताया कौन सी पारी है खास

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2 वर्ल्ड कप जीतने वाले भारतीय दिग्गज के लिए क्यों फरिश्ता हैं सचिन? खुद सुनाई कहानी, बताया कौन सी पारी है खास

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हाइलाइट्स

सचिन तेंदुलकर 24 अप्रैल को 50 बरस के हो जाएंगे
खास दोस्त और पुराने टीम मेट ने सचिन से जुड़ा किस्सा सुनाया

नई दिल्ली. सचिन तेंदुलकर 24 अप्रैल को 50 बरस के हो जाएंगे. सचिन ने 2 दशक से अधिक भारत के लिए क्रिकेट खेला और संन्यास से पहले अपना सबसे बड़ा सपना यानी वर्ल्ड कप जीतना भी पूरा कर लिया. वो सिर्फ फैंस के लिए ही भगवान नहीं हैं, बल्कि साथी खिलाड़ी भी उन्हें अपने संकटमोचक या फरिश्ता मानते हैं. कम से कम पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह तो सचिन को लेकर ऐसा ही सोचते हैं. युवराज ने सचिन तेंदुलकर को अपना गार्डियन एंजेल या फरिश्ता बताया है. युवराज ने कहा कि मेरे लिए सचिन सिर्फ क्रिकेट के आदर्श नहीं, बल्कि एक लाइफ कोच की तरह हैं. जिंदगी में जब भी कठिन परिस्थितियां आईं, चाहें ऑन या ऑफ फील्ड उन्होंने हमेशा मुझे रास्ता दिखाया.

युवराज सिंह ने भारत को 2007 के टी20 विश्व कप और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जिताने में अहम योगदान दिया था. युवराज ने सचिन के साथ काफी क्रिकेट खेला और ड्रेसिंग रूम में भी काफी वक्त बिताया है. पीटीआई के हवाले से युवराज ने कहा, “जब मैं इंटरनेशनल क्रिकेट खेलता था, तब हमारे पास कोच हुए करते थे. लेकिन, मुझे बैटिंग में कोई भी तकनीकी दिक्कत होती थी, तो मेरे लिए सचिन गो-टू पर्सन यानी ऐसे शख्स, जिसके पास मैं सबसे पहले जाता था. वह मेरी समस्याओं का हल बताते थे और वो सिर्फ क्रिकेट में ही मेरे आदर्श नहीं थे.”

सचिन मेरे गार्डियन एंजल: युवराज
युवराज ने आगे कहा, “22 गज के बाहर भी सचिन मेरे लिए गार्डियन एंजेल जैसे थे. मुझे अपने जीवन में जब भी कोई निजी परेशानी होती थी, तो पाजी, उन लोगों में से एक हुआ करते थे, जिन्हें मैं सबसे पहले फोन लगाता था और उनके पास हमेशा मेरे लिए सबसे अच्छी सलाह होती थी.”

‘सचिन मेरी सेहत को लेकर चिंतित थे’
युवराज ने याद किया कि कैसे 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान वो खांसी, बुखार से परेशान थे और रात-रातभर सो नहीं पाते थे. इसके बावजूद उन्होंने टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया था और 350 रन बनाने के साथ 15 विकेट लिए थे और भारत को चैंपियन बनाने में अहम रोल निभाया था.

युवराज ने उस दौर के बारे में बातचीत करते हुए कहा, “मुझे भी नहीं पता था कि मुझे कैंसर है. सचिन हमेशा मुझे आकर चेक किया करते थे और फिर अमेरिका में इलाज के दौरान भी उन्हें हर वक्त मेरी तबीयत की चिंता रहती थी.”

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न्यूजीलैंड के खिलाफ 163 रन की पारी सबसे खास
सचिन की सबसे खास पारियों की जब भी बात होती है तो शारजाह और पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरियन की इनिंग्स का अक्सर जिक्र होता है. लेकिन, सचिन की एक पारी युवराज सिंह के दिल के सबसे करीब है. सचिन ने 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च वनडे में 133 गेंद में नाबाद 163 रन की पारी खेली थी. उस मैच में सचिन और युवराज ने 100 गेंद में 138 रन की साझेदारी की थी. उस पारी को याद करते हुए युवराज ने कहा, उस दिन सचिन दोहरा शतक लगा सकते थे. लेकिन, उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटना पड़ा था. मुझे याद है कि उस मैच में हमने 5 ओवर में शायद 72 रन ठोक डाले थे. लेकिन, उनकी इस पारी के बारे में बहुत ज्यादा बात नहीं होती. लेकिन, मेरी नजर में ये खास थी.

Tags: Sachin tendulkar, Yuvraj singh

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