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क्रिकेट के मास्टर कहे जाने वाले सचिन ने केवल क्रिकेट खेला ही नहीं बल्कि बतौर खिलाड़ी इस खेल के सारे आयामों को प्रभावित किया है।
– फोटो : instagram/sachintendulkar
विस्तार
विश्व क्रिकेट के सबसे जगमगाते सितारे सचिन तेंदुलकर आज 50वर्ष के हो गए हैं। अपने आयुष्य का अर्द्धशतक पूरा करने वाले इस करिश्माई भारतीय क्रिकेटर की दो दशकों से ज्यादा लंबी चली क्रिकेट की यात्रा जितनी उनके आलादर्जे के खेल और लगातार उम्दा प्रदर्शनों की फेरहिस्त का लेखा-जोखा है, उससे कहीं गुणा ज्यादा उन कीर्तिमानों की पर्वत श्रृंखला का विस्तार है जो पूरी दुनिया के क्रिकेट को गौरव से भर देती है।
एक ऐसे दौर में जब खेल का मतलब देशभक्ति रहा, राष्ट्र की सेवा रहा और हर प्रशंसक के मन में देश के प्रति भावना और आत्मीयता का आलोक पैदा करता रहा और जब क्रिकेट की दीवानगी इस देश में सारे विरोधाभासों, विषमताओं और सीमाओं को लांघकर लोगों के दिलों में प्यार और मोहब्बत को स्वर घोला करती थी तब सचिन तेंदुलकर देश की एकता और सांप्रदायिक सौहार्द्र की सबसे हरी-भरी डोर थे।
दर्शक-दीर्घाओं से लेकर गली-मोहल्लों, चौक-चौराहों, गांव-कस्बों के भीतर छोटे कद के इस खिलाड़ी को देखकर कभी 100 करोड़ से ज्यादा लोगों का यह देश, जाति, धर्म, संप्रदाय और लिंगभेद भुलाकर एकता के उस सूत्र में समाहित होता रहा है जिससे यह देश एकता में अनेकता के जयघोष के साथ नक्शे पर उतरता रहा है।
अपने आयुष्य के सबसे आरंभिक बिंदु से क्रिकेट की पिच पर बल्ला थामकर विश्व क्रिकेट के आकाश में नए नक्षत्रों की तरह उदियमान होने वाले मुंबई के 14 साल के इस लड़के का करियर बतौर एक खिलाड़ी के शानदार खेलयात्रा की ही बानगी नहीं है बल्कि एक ईमानदार, पारदर्शी और गरिमामयी खिलाड़ी व्यक्तित्व की भी शिखर यात्रा है जिसने केवल क्रिकेट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के खेल जगत को प्रभावित किया है।
सच कहा जाए तो भारत रत्न सचिन रमेश तेंदुलकर सही मायनों में भारत की उस गौरवशाली परंपरा और श्रेष्ठतम मूल्यों का भी प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्तित्व व चेहरा हैं जिसके बूते हाशिए से लेकर उन्नति की पताका फहराने वाले करोड़ों भारतीय खुदको अभिमान से भर सकते हैं।
क्रिकेट में कीर्तिमानों, रिकॉर्ड्स की जीती-जागती जीवंत पर्वत श्रृंखला को रचने वाला यह सृजनहार, क्रिकेट के आंकड़ों में भी भारत रत्न है और विश्व क्रिकेट की सबसे हरी-भरी गौरवपूर्ण संपदा है। 14 की उम्र से 40 साल की फिटनेस के साथ 24 साल का लंबा करियर, विश्व रिकॉर्ड का शुरुआती सफर, पहले रणजी ट्रॉफी और ईरानी कप मैच में शतक जड़ने से लेकर 16 की उम्र में 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने तक सबकुछ आश्चर्य से भरने वाला ही रहा है।
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