[ad_1]
मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने के बाद ऐश्वर्या राय बच्चन को सबसे पहला मौका निर्देशक मणि रत्नम ने अपनी फिल्म ‘इंदरुवर’ में दिया। तब से लेकर आज तक ऐश्वर्या राय बच्चन ने अगर किसी को अपना गुरु माना है तो वह हैं, मणि रत्नम। ऐसे कई मौके आए हैं जब ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपने गुरु मणि रत्नम का सम्मान सार्वजनिक तौर पर किया है। मंगलवार को मुंबई में फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन 2’ के ट्रेलर लांच के दौरान भी यह बात देखने को मिली।
मंगलवार की शाम फिल्म पीएस 2 के ट्रेलर लांच के दौरान भी ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपने गुरु मणि रत्नम ‘के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और कहा, ‘फिल्म की शूटिंग के दौरान जब मणि सर ने प्यार से मुझे नंदनिया कहा तो मुझे बहुत खुशी हुई।’ बता दें कि फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन’ में ऐश्वर्या राय बच्चन ने नंदिनी का किरदार निभाया है। इससे पहले वह फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन 1’ में नंदिनी और मंदाकिनी का किरदार निभा चुकी है। वैसे देखा जाए तो नंदिनी के किरदार से दर्शक अच्छी तरह से वाकिफ हैं और यह नाम ऐश्वर्या राय के दिल के बहुत करीब है कैसे आइए जानते हैं।
KKBKKJ: केआरके ने सलमान खान को बुढ़ऊ बताकर कसा तंज, फिल्म के बेकार कलेक्शन पर जमकर उड़ाई खिल्ली
अभिनेता सलमान खान की फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में ऐश्वर्या राय ने नंदिनी का किरदार निभाया था और यह फिल्म ऐश्वर्या राय के करियर की सफल फिल्मों में जाना जाता है। ऐश्वर्या राय बच्चन ने कहा, ‘नंदिनी नाम से मेरा बहुत ही भावनात्मक रिश्ता हैं। संजय लीला भंसाली ने ‘हम दिल दे चुके सनम’ में यह नाम दिया और मेरे गुरु ने फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन 1’ और फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन 2’ में यही नाम दिया और जब शूटिंग के पहले दिन उन्होंने प्यार से नंदनिया कहा तो यह मेरे लिए बहुत ही भावनात्मक क्षण था।
Shehnaaz Gill: शहनाज ने घर से भागने और गलतियां करने पर दी सफाई, कहा- सबक लेकर आगे बढ़ना चाहिए
इन दिनों जिस तरह से हिंदी फिल्मों की दुर्दशा हो रही है और साउथ की फिल्में बॉलीवुड में हावी हो रही है। इस बात की भी चर्चा ट्रेलर लांच के दौरान हुई। ऐश्वर्या राय बच्चन से जब यह पूछा गया कि क्या हिंदी फिल्मों की दुर्दशा को देखते हुए ह उन्होंने साउथ की तरह अपना रुख किया है। इस सवाल के जवाब में ऐश्वर्या राय बच्चन ने बड़े ही दिलचस्प अंदाज में जवाब दिया। ऐश्वर्या राय बच्चन ने कहा, ‘शुरू से ही भारतीय सिनेमा को लेकर मेरा अलग नजरिया रहा है। एक कलाकार होने के नाते हमारी कोशिश यही रहती है कि कला को जहां सम्मान और काम मिले करना चाहिए।’
[ad_2]
Source link