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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Social Media
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनी फ्लाई दुबई के विमान में सोमवार को कथित तौर पर आग लगने के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। अब इस मामले में नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने मंगलवार को अफवाह फैलाने के आरोप में फ्लाई दुबई एयरलाइन के दो मैनेजरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएएन) ने दोनों मैनेजरों के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (टीआईए) में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इससे पहले, फ्लाई दुबई ने विमान में आग लगने के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि विमान से पक्षी टकराया था। जिस पर नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएएन) ने इनकार करते हुए कहा कि घटना के दौरान विमान से कोई पक्षी नहीं टकराया था, बल्कि यह तकनीकी खराबी का मामला था।
क्या था मामला
दरअसल, फ्लाई दुबई की काठमांडू-दुबई फ्लाइट में सोमवार रात 9 बजकर 20 मिनट पर उड़ान भरते वक्त दिक्कत आ गई। शुरुआत में बताया गया कि विमान के एक इंजन में खराबी आ गई साथ ही विमान के एक हिस्से में आग भी लग गई। इसके बाद विमान ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संपर्क किया और आपातकालीन लैंडिंग के लिए इजाजत मांगी। इसके बाद विमान को लैंड कराने के प्रयास शुरू कर दिए गए। कुछ ही देर बाद पायलटों ने एयरपोर्ट से संपर्क किया और बताया कि विमान पर सभी सिस्टम ठीक काम कर रहे हैं और वे विमान को दुबई की ओर ले जा रहे हैं। गौरतलब है कि घटना के समय विमान में 168 यात्री सवार थे।
बाद में, विमानन कंपनी फ्लाई दुबई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया कि विमान में आग लगने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी, बल्कि विमान एक पक्षी से टकराया था।
उड्डयन मंत्री ने किया खंडन
हालांकि, घटना के कुछ ही देर बाद नेपाल के नागरिक उड्डयन मंत्री सुदान किराती ने पक्षियों के टकराने के कारण पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि यह विमान में तकनीकी समस्या का मामला लग रहा है। फिलहाल ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि विमान से पक्षी टकराया था।
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