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मेवात
– फोटो : अमर उजाला
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साइबर ठगी के मामले में जब पहली बार झारखंड के जामताड़ा का नाम आया तो यह अपनी तरह का पहला मामला था। मेवात के नूंह में भी धीरे-धीरे एक जामताड़ा बन रहा था। इसकी शुरुआत यहां दो दशक पहले नकली सोने की ईंटों को दिखाकर की जाने वाली ठगी टटलू से हुई थी। इसके बाद ठगों ने ओएलएक्स के जरिए ठगी करना शुरू किया। यहां से यह लोग अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल करने लगे। शिकंजा कसा तो इन्होंने साइबर ठगी करनी शुरू कर दी।
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