Home Sports अभिलाष टॉमी ने रचा इतिहास, दुनिया की सबसे खतरनाक Golden Globe Race में हासिल किया दूसरा स्‍थान

अभिलाष टॉमी ने रचा इतिहास, दुनिया की सबसे खतरनाक Golden Globe Race में हासिल किया दूसरा स्‍थान

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अभिलाष टॉमी ने रचा इतिहास, दुनिया की सबसे खतरनाक Golden Globe Race में हासिल किया दूसरा स्‍थान

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हाइलाइट्स

भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर हैं अभिलाष टॉमी
2018 में इस रेस में जाते-जाते बची थी जान

नई दिल्‍ली. भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर अभिलाष टॉमी ने गोल्डन ग्लोब रेस में दूसरा स्‍थान हासिल कर इतिहास रच दिया. वह इस रेस को पूरा करने वाले पहले भारतीय हैं. यह दुनिया की सबसे कठिन और खतरनाक रेस है. अभिलाष ने 29 अप्रैल को फ्रांस के लेस सेबल्स डी ओलोंने में ये रेस पूरी की. पहले नंबर पर दक्षिण अफ्रीका के कर्स्टन न्यूसचफर रहे. सितंबर 2022 में शुरू हुई इस रेस में 16 प्रतिभागी शामिल थे. अभिलाष ने इससे पहले 2018 में गोल्डन ग्लोब रेस में हिस्सा लिया था, तब वह तकरीबन मौत के मुंह में चले गए थे.

गोल्डन ग्लोब रेस को दुनिया की सबसे खतरनाक और रोमांचक बोट रेस के तौर पर जाना जाता है. इसमें समंदर के रास्ते पूरी दुनिया का चक्कर लगाना होता है. वह भी अकेले, बिना रुके और बगैर किसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी के. तकनीकी सपोर्ट वही मिलता है जो पहली रेस यानी 1968 के वक्‍त उपलब्‍ध था. रास्‍ते में सामना होता है समुद्री तूफानों, खतरनाक जानवरों और अनिश्चित मौसम से.

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कमर टूटी, लगे टाइटेनियम के नट बोल्ट
अभिलाष टॉमी ने पहली बार 2018 में इस रेस में हिस्‍सा लिया था. वह रेस में शामिल इकलौते भारतीय थे. शुरुआती दौर में अभिलाष का सफर सही जा रहा था, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाएगा. 21 सितंबर 2018 को अभिलाष दक्षिणी हिंद महासागर में कहीं पर थे. तभी एक भयंकर तूफान आया, जिसने सबकुछ तहस नहस कर दिया. अभिलाष इस दौरान नौका की पाल के ऊपर लटके हुए थे, अपनी कलाई घड़ी के सहारे. जिस समय यह हादसा हुआ तब समंदर में 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवाएं चल रहीं थीं. इस दौरान लहरें भी 40-50 फीट ऊपर तक उछल रहीं थीं.

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अभिलाष की मदद के संदेश के बाद इंटरनेशनल रेस्क्यू मिशन शुरू हुआ. भारत, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस के नौसैनिक जहाज अभिलाष को तलाशने निकले. दो दिनों और दो रातों के बाद सर्च ऑपरेशन पूरा हुआ और अभिलाष को विशाखापत्तनम लाया गया. माना जा रहा था कि उनका बचना काफी मुश्किल है, लेकिन जीवटता के धनी अभिलाष का सफर अभी अधूरा था. हादसे में काफी चोट लगने की वजह से उनके शरीर में टाइटेनियम के नट बोल्ट कसने पड़े. जिद्दी अभिलाष दो महीने बाद ही अपने काम पर लौट आए. वह नौसेना में पायलट थे. अभिलाष ने अपने मिशन को पूरा करने के लिए नौसेना की नौकरी छोड़ दी. जिस सफर ने उनकी जान लेने की कोशिश की, उसका सितंबर 2022 में दोबारा बुलावा आया तो उन्‍होंने फौरन ही हां कर दी.

Tags: Sports news

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