[ad_1]

आतंकी हमले के पुंछ के जंगलों में चलाया गया तलाशी अभियान
– फोटो : संवाद
विस्तार
आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट(पीएएफएफ) सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सूत्रों का कहना है कि पुंछ हमले के बाद उक्त संगठन ने जम्मू के सुंजवां में बने सरकारी फ्लैट्स पर अपना बयान दिया है। उसने कहा है कि अवैध बसने वालों को बाहर निकालने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
पीएएफएफ ने कहा कि जम्मू एक युद्ध के मैदान में बदल जाएगा और इसके लड़ाके न केवल जम्मू को घेरेंगे, बल्कि चिंगारी दिल्ली तक भी फैल जाएगी। बता दें कि अस्तित्व में आने के बाद पीएएफएफ लगातार प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है।
यहां तक कि 2020 में इसके गठन के बाद से अब तक उक्त संगठन जम्मू-कश्मीर में हुई 11 वारदातों को अंजाम देने का दावा कर चुका है। इनमें पुंछ के भाटादूड़िया में हुआ हमला, राजोरी के दरहाल में हुआ हमला और जेल विभाग के डीजी एचके लोहिया की हत्या मुख्य रूप से शामिल है।
बता दें कि जम्मू के सुंजवां में 336 फ्लैट हाउसिंग बोर्ड की तरफ से बनाए गए हैं। सरकार ने ऐसा कहा है कि कोई भी प्रवासी दो हजार रुपये का किराया देकर यहां रह सकता है। इसी से तिलमिला कर पीएएफएफ ने अपना बयान टेलिग्राम एप पर जारी किया है।
बीते सप्ताह भाटादूड़िया के वन क्षेत्र में एक गांव में इफ्तार के लिए खाने का सामान ले जा रहे सेना के एक वाहन पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए थे। ये जवान आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात राष्ट्रीय राइफल्स की एक इकाई से थे।
बता दें कि पीएएफएफ पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का ही एक हिस्सा है। क्रूरता वाली अधिकतर बड़ी आतंकी वारदातें पहले जैश-ए-मोहम्मद ही अंजाम देता था। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर कसे गए शिकंजे के चलते अब पीएएफएफ का गठन कर दिया गया है।
[ad_2]
Source link