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दुनिया के सबसे बड़े शहर हॉन्गकॉन्ग सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम वेतन में फैसले की घोषणा की है। हालांकि, इस धारणा को लेकर भी सवाल उठने लगते हैं, क्योंकि ये बहुत कम है। जमीन के बढ़ने के बावजूद वहां के लोग रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हॉन्गकॉन्ग में मिनिमम वर्किंग में 2.50 हॉन्गकॉन्ग डॉलर यानी 32 सेंट की वजह बताई गई है। इस कारण से शहर का न्यूनतम वेतन 40 हक्क डॉलर (5.10 अमेरिकी डॉलर) प्रति घंटा हो गया है।
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