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अजय बंगा
– फोटो : amarujala.com
भारतीय मूल के अजय बंगा विश्व बैंक के अगले अध्यक्ष होंगे। विश्व बैंक ने पुष्टि की है कि अजय बंगा को बुधवार को अध्यक्ष चुना गया है। पांच साल के कार्यकाल के लिए बंगा के नेतृत्व को मंजूरी देने के लिए बोर्ड के मतदान के तुरंत बाद प्रकाशित एक बयान में बैंक ने लिखा, “विश्व बैंक समूह बंगा के साथ काम करने के लिए तत्पर है। वह 2 जून को डेविड मालपास से यह भूमिका संभालेंगे।” मास्टरकार्ड इंक के पूर्व सीईओ को राष्ट्रपति जो बाइडेन का पिछले महीने समर्थन मिला था। विश्व बैंक के वर्तमान अध्यक्ष डेविड मलपास ने लगभग एक साल पहले पद छोड़ने की घोषणा की थी। भारत ने विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए अजय बंगा की उम्मीदवारी का समर्थन किया था। बंगा का चुनाव निर्विरोध हुआ है।
मलपास का भी निर्विरोध चुनाव हुआ था
ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, 2019 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मलपास को नामित किया था। मलपास का चुनाव भी निर्विरोध ही हुआ था। इस पद पर हमेशा से अमेरिकी उम्मीदवार का ही चयन होता रहा है। अमेरिका के अलावा किसी भी देश ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की थी। विश्व बैंक के नियम सदस्य देशों को एक समयावधि के दौरान नामांकन करने की अनुमति देते हैं, जो बुधवार दोपहर को खत्म हो चुका है। ऐसे में अजय बंगा का विश्व बैंक का अध्यक्ष बनना तय था। बता दें कि फरवरी के अंत में विश्व बैंक के अध्यक्ष पद का नामांकन शुरू हुआ था।
पुणे में जन्म, शिमला से की है पढ़ाई
वर्ल्ड बैंक के एक अध्यक्ष और मास्टरकार्ड के पूर्व सीईओ अजय बंगा का शिमला से नाता रहा है। पुणे में जन्मे बंगा ने 70 के दशक में शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से प्राइमरी स्तर की पढ़ाई की। इनके पिता आर्मी में अफसर थे। इस दौरान कुछ समय के लिए वह शिमला में तैनात रहे। इस दौरान अजय बंगा को सेंट एडवर्ड स्कूल शिमला में पढ़ाई के लिए प्रवेश दिलवाया था। बंगा के वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष पद के लिए नामित होने पर न केवल सेंट एडवर्ड स्कूल बल्कि शिमला और हिमाचल के लिए भी यह गर्व की बात है।
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