Home Sports चाचा ने पहली बार पाकिस्तान टीम में चुना, डेब्यू पर चमका, फिर भी छुप-छुपकर बहाने पड़े आंसू, अब ले रहा हिसाब

चाचा ने पहली बार पाकिस्तान टीम में चुना, डेब्यू पर चमका, फिर भी छुप-छुपकर बहाने पड़े आंसू, अब ले रहा हिसाब

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चाचा ने पहली बार पाकिस्तान टीम में चुना, डेब्यू पर चमका, फिर भी छुप-छुपकर बहाने पड़े आंसू, अब ले रहा हिसाब

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हाइलाइट्स

पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को तीसरे वनडे में हराकर सीरीज अपने नाम की
पाकिस्तान की जीत में इमाम-उल-हक की अहम भूमिका रही

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने कराची में हुए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड को 26 रन से हराकर 5 मैच की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. तीसरे वनडे में 288 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 49.1 ओवर में 261 रन बना सकी. पाकिस्तान की जीत में सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक की अहम भूमिका रही. वो शतक से तो चूक गए. लेकिन, 90 रन की अहम पारी खेली और दूसरे विकेट के लिए कप्तान बाबर आजम के साथ 108 रन की साझेदारी की.

इमाम-उल-हक न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में शानदार फॉर्म में हैं. उन्होंने पहले वनडे में भी 60 रन की पारी खेली थी. आईसीसी की बल्लेबाजों की ताजा जारी वनडे रैंकिंग में इमाम उल हक 5वें स्थान पर हैं. इस लिस्ट में टॉप-5 में बाबर आजम और फखर जमां भी हैं. अच्छी बल्लेबाजी करने के बावजूद बीते 6 साल में इमाम-उल-हक को कई बार परीक्षा देनी पड़ी. उन्हें अक्सर भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म) के आरोपों से जूझना पड़ा.

इमाम-उल-हक ने 2017 में पाकिस्तान के लिए वनडे डेब्यू किया था. इस बाएं हाथ के बैटर ने अपने डेब्यू वनडे में ही श्रीलंका के खिलाफ शतक ठोक इतिहास रच दिया था. वो तब पाकिस्तान के लिए वनडे डेब्यू पर शतक ठोकने वाले दूसरे बैटर बने थे. उस समय इमाम को इंजमाम-उल-हक ने पाकिस्तान टीम में चुना था. वो तब चीफ सेलेक्टर थे और इमाम उनके भतीजे हैं. उस समय भी इमाम पर नेपोटिज्म के आरोप ले थे. लेकिन, इमाम ने उस वक्त भी अपने बल्ले से ही जवाब दिया था. वो वनडे इतिहास के पहले बल्लेबाज हैं, जिसने अपने शुरुआती 9 वनडे में 4 शतक ठोके थे.

डेब्यू वनडे और टेस्ट पर इमाम ने दमदार पारी खेली थी
इसके एक साल बाद यानी 2018 में इमाम-उल-हक ने आयरलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और 160 रन का पीछा करते हुए जब पाकिसतान ने 3 विकेट गंवा दिए थे, उस वक्त 74 रन की नाबाद पारी खेल, टीम को यादगार जीत दिलाई थी. इसके बावजूद जब-जब उन्हें पाकिस्तान टीम में मौका मिला, भाई-भतीजावाद के आरोपों को उन्हें झेलना पड़ा.

मैं बाथरूम में घंटों रोता था: इमाम
इमाम उल हक ने कुछ साल पहले ईएसपीएनक्रिकइंफो के एक शो पर भाई-भतीजावाद के आरोपों को लेकर कहा था, “जब यह चीजें शुरू हुई, तो मैंने अकेले काफी वक्त बिताया. मैं अकेले ही खाना खाता था. यह मेरा इंटरनेशनल टूर था और आप समझ सकते हैं कि पहला दौरा कैसा होता है. जब कभी मैं अपना फोन खोलता था तो लोगों ने मुझे सोशल मीडिया पर टैग किया होता था. इसके बाद मैंने अपने परिवार से भी बात करना बंद कर दिया था. क्योंकि मैं उन पर दबाव नहीं डालना चाहता था. मुझे याद है कि मैं बाथरूम में नहाते समय भी घंटों भर रोता था.”

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3 साल बाद टेस्ट कमबैक पर पर 2 शतक ठोके
इसके बाद 2019 में इमाम टीम से भी बाहर हो गए. उनके स्थान पर टेस्ट में आबिद अली को मौका मिला. शान मसूद भी टीम में आए और इमाम दरकिनार हो गए. लेकिन, पिछले साल ऑस्ट्रेलिया की टीम जब पाकिस्तान दौरे पर आई, तो इमाम की 3 साल बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई और उन्होंने रावलपिंडी टेस्ट की दोनों पारियों में शतक ठोक शानदार कमबैक किया. इसके बाद से ही इमाम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में इंग्लैंड के खिलाफ शतक ठोका और इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी दमदार पारियां खेलीं. यही फॉर्म उन्होंने वनडे में भी बरकरार रखा और जिन-जिन लोगों ने उनपर नेपोटिज्म के आरोप लगाए. अपनी बैटिंग से उनका जवाब दिया.

Tags: Babar Azam, Inzamam ul haq, New Zealand vs Pakistan, Pakistan

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