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Jammu Kashmir: OP MACHHAL PRAHAR- माछल सेक्टर में आतंकियों से बरामद हथियार
– फोटो : Agency
विस्तार
2021 में अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद ‘नाटो’ सेनाओं के अनेक हथियार और गोला-बारूद वहीं पर छूट गए थे। तालिबान के कब्जे में आए वे घातक हथियार, अब पाकिस्तान के रास्ते जम्मू-कश्मीर तक पहुंच रहे हैं। इस आशंका ने भारत की सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। गत दिनों पुंछ में हुए हमले की जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि तालिबान के पास मौजूद अमेरिकन M16 राइफल व M4 कार्बाइन जैसे हथियार, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ और ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के हाथ लगे हैं। हालांकि अभी इनकी संख्या तय नहीं है। इनके अलावा अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुई ‘स्टील बुलेट’ पहले से ही घाटी में मौजूद हैं।
358530 असॉल्ट राइफलें व 126295 पिस्टल
अफगानिस्तान से नाटो सैनिकों के वापस लौटने के बाद ’85 बिलियन डॉलर’ के एयरक्रॉफ्ट, बख्तरबंद गाड़ियां, रॉकेट डिफेंस सिस्टम, मशीन गन और असॉल्ट राइफल सहित भारी मात्रा में गोला बारूद पर तालिबान का कब्जा हो गया था। हालांकि अमेरिका ने दावा किया था कि उसने तालिबान के हाथ लगे अपने अत्याधुनिक एयरक्रॉफ्ट, बख्तरबंद गाड़ियां व रॉकेट डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया है। अफगानिस्तान में ‘4 सीब-130 ट्रांसपोर्ट्स, 23 एम्ब्रेयर ईएमबी 314/ए29 सुपर सुकानो, 28 सेसेना 208, 10 सेसेना एसी-208 स्टाइक एयरक्रॉफ्ट’ फिक्सड् विंग एयरक्रॉफ्ट बताए गए हैं। इनके अलावा 33 एमआई-17, 33 यूएच-60 ब्लैकहॉक व 43 एमडी 530 हेलीकॉप्टर भी हैं। अमेरिकी 22174-ह्मवे, 634 एमआई 117, 155 एमएक्सएक्स प्रो माइन प्रूफ व्हीकल, 169 एमआई 13 आर्म्ड पर्सनल केरियर, 42000 पिक अप ट्रक एंड एसयूवी, 64363 मशीन गन, 8000 ट्रक, 162043 रेडियो, 16035 नाइट गॉगल, 358530 असॉल्ट राइफल, 126295 पिस्टल और 176 आर्टलरी पीस भी तालिबान के कब्जे में बताए गए हैं।
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