[ad_1]

कुख्यात अनिल दुजाना एनकाउंटर में ढेर
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीस साल पहले देहात के रास्तों पर वाहन लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह को अनिल दुजाना चलता था। देखते ही देखते वह उत्तर प्रदेश की टॉप टेन की सूची तक पहुंच गया। 17 साल पहले पहली बार दादरी कोतवाली पुलिस ने डाबरा गांव से उसको चार साथियों के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। सभी से आधुनिक पिस्टल बरामद की थी। भट्टा मालिकों और व्यापारियों से रंगदारी वसूली जाती रही। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने, हमला करने और हत्या तक करने से गिरोह के सदस्य पीछे नहीं हटते थे। तीन बार दादरी में गिरोह का सफाया करने के लिए तेजतर्रार कोतवाल और दरोगा तैनात किए थे।
[ad_2]
Source link