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समलैंगिक विवाह पर आरआरएस का सर्वे।
– फोटो : social media
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समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से जुड़े मुद्दे पर सड़क से लेकर कोर्ट तक बहस हो रही है। कई लोग समलैंगिक विवाह को सही बता रहे हैं तो कई इस पर आपत्ति जता रहे हैं। अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक सर्वे ने भी समलैंगिक विवाह का विरोध किया है। उसका कहना है कि समलैंगिकता एक तरह का विकार (Disorder) है।
मान्यता मिली, तो समाज में तेजी से बढ़ेगा
आरएसएस की महिला शाखा से संबद्ध संवर्धिनी न्यास के एक सर्वे का कहना है कि बहुत सारे डॉक्टर और विशेषज्ञों का मानना है कि समलैंगिकता एक तरह का विकार है। अगर समलैंगिक विवाह को मान्यता मिलती है, तो यह समाज में तेजी से बढ़ेगा।
318 प्रतिक्रियाओं पर आधारित सर्वे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समानांतर एक महिला संगठन एवं राष्ट्र सेविका समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि सर्वे देश भर में एकत्रित 318 प्रतिक्रियाओं पर आधारित हैं, जिसमें आधुनिक विज्ञान से लेकर आयुर्वेद तक उपचार के आठ अलग-अलग तरीकों के चिकित्सक शामिल हैं।
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