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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान चरम पर है। भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता एक-दूसरे पर जमकर हमला कर रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस पर प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कर्नाटक के लोगों से अगले सप्ताह होने वाले विधानसभा चुनावों में विपक्षी दल को वोट नहीं देने का आग्रह किया।
कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का लगाया आरोप
कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि इसने स्वतंत्रता सेनानी और हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर के साथ भगवान हनुमान का भी अपमान किया है। शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। सबसे पहले, उन्होंने चार प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण दिया, यह जानते हुए भी कि हमारा संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण प्रदान नहीं करता है। भाजपा ने इस असंवैधानिक मुस्लिम आरक्षण को खत्म कर दिया है और लिंगायत और वोक्कालिगा के लिए कोटा दो प्रतिशत बढ़ा दिया है।
बेलागवी जिले में यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस वादा करती है कि अगर पार्टी सत्ता में आएगी तो वे मुस्लिम आरक्षण वापस लाएंगे और इसे चार प्रतिशत के बजाय छह प्रतिशत तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा, आप (कांग्रेस) कहां से लाएंगे, किसका (कोटा) कम करेंगे? लिंगायत, वोक्कालिगा या एससी-एसटी का कोटा कम करेंगे, स्पष्ट करें। कांग्रेस के लोग कान खोलकर सुनें, आप न तो सरकार बनाएंगे, न ही लिंगायतों का आरक्षण कम होगा। सिर्फ भाजपा की सरकार आएगी।
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