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उज्जैन में आम भक्तों से दूर होते महाकाल।
– फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में जब से महाकाल महालोक साकार हुआ है, तब से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। गर्भगृह में जाने से लेकर भस्मारती में भाग लेने तक के लिए सशुल्क व्यवस्था लागू की गई है, इसे लेकर संत समाज और आम लोग नाराज हैं। उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने भी स्वीकार किया कि क्राउड मैनेजमेंट गड़बड़ है, उसे सुधारने की जरूरत है, इस पर काम किया जा रहा है।
महाकाल महालोक को देखने के लिए सिर्फ प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के हजारों भक्त रोज उज्जैन आ रहे हैं। इसे देखते हुए महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शनों को सुलभ बनाने के लिए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने सशुल्क दर्शन व्यवस्था लागू की है। शीघ्रदर्शन के लिए 250 रुपये, भस्मारती में भाग लेने के लिए 200 रुपये और गर्भगृह में जाने के लिए 750 रुपये तक की रसीद काटी जा रही है। इससे उन भक्तों को परेशानी हो रही है, जिनके पास पैसा तो नहीं है लेकिन भक्ति और आस्था भरपूर है। संत समाज भी सशुल्क दर्शन व्यवस्था का विरोध कर रहा है।
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