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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Social Media
विस्तार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद आए ज्यादातर एग्जिट पोल में कांग्रेस को भाजपा पर बढ़त और त्रिशंकु जनादेश की भविष्यवाणी की गई है। हालांकि, राज्य की तीनों मुख्य सियासी ताकतें भाजपा, कांग्रेस और जदएस एग्जिट पोल के अनुमान के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद पाले हुए हैं।
राज्य में हुए रिकॉर्ड तोड़ मतदान ने चुनावी तस्वीर को उलझा दिया है। कांग्रेस को सत्ता विरोधी लहर तो भाजपा को दक्षिण कर्नाटक में चमत्कार पर भरोसा है। मतदान से जुड़े तीन अहम तथ्य हैं, जिनकी व्याख्या कांग्रेस, भाजपा और जदएस अपने-अपने हिसाब से कर रहे हैं। पहला, इस बार बीते सभी चुनावों के मुकाबले अधिक मतदान हुआ है। दूसरा, शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण और कम आय वाले क्षेत्रों में अधिक लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचे। तीसरा, राज्य के मुसलिम बाहुल्य इलाकों में दूसरे इलाकों की तुलना में अधिक वोट पड़े हैं।
मतदान प्रतिशत बढ़ने के मायने
कर्नाटक में मतदान प्रतिशत का बढ़ना हमेशा सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा करता रहा है। राज्य में अब तक 14 चुनाव हुए हैं। इनमें आठ बार बीते चुनाव के मुकाबले ज्यादा मत पड़े। मत प्रतिशत बढ़ने पर आठ में से सात बार सत्ता परिवर्तन हुआ। इस बार के चुनाव में सबसे अधिक मतदान हुआ है।
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