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पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और पीटीआई प्रमुख इमरान खान।
– फोटो : Social Media
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पाकिस्तान में हालात लगातार बद से बद्तर होते जा रहे हैं। पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे इस देश में सरकार और विपक्षी पार्टी के टकराव ने स्थिति को और खराब कर दिया है। बीते कुछ दिनों में सरकार की ओर से प्रमुख विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान के खिलाफ खोले गए मोर्चे का देश की स्थिति पर और बुरा असर हुआ है। इमरान की गिरफ्तारी और उन्हें प्रदर्शनों और रैली से रोकने की कोशिश पर उनके समर्थकों ने पाकिस्तान में जबरदस्त उपद्रव भी किया है। इस बीच अब सरकार के साथ-साथ पाकिस्तान की सेना ने भी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों को चेतावनी जारी कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह चेतावनी खुद सेना प्रमुख की तरफ से आई है।
क्या है सेना प्रमुख का ताजा बयान?
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने कहा है कि जिस तरह नौ मई को साजिश रच कर सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, उन्हें अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सियालकोट में गैरिसन के दौरे पर गए सेना प्रमुख ने कहा कि किसी को भी हमारे शहीदों और उनसे जुड़े स्मारकों की बेइज्जती नहीं करने दी जाएगी। वे सेना के लिए, कानून के लिए और सरकार के लिए प्रेरणा और गौरव का स्रोत है।
बयान के अनुसार, विशेष कोर कमांडरों के सम्मेलन में भाग लेने वालों ने सैन्य प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक व निजी संपत्तियों के नुकसान की निंदा की है। बयान में कहा गया, “अब तक एकत्र किए गए अकाट्य सबूतों के आधार पर, सशस्त्र बल इन हमलों के साजिशकर्ताओं, उकसाने वालों और अपराधियों से अच्छी तरह से वाकिफ हैं और इसे अंजाम देने और इसकी साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी दृढ़ है।” बयान में कहा गया है कि इस मामले में भटकाने की कोशिशें बिल्कुल व्यर्थ हैं।
इमरान की गिरफ्तारी के बाद भड़की थी पाकिस्तान में हिंसा
गौरतलब है कि पिछले मंगलवार (नौ मई) को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर में रेंजर्स की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी से पाकिस्तान में अशांति फैल गई थी जो शुक्रवार तक जारी रही। प्रदर्शनकारियों के हमलों के दौरान कई मौतें हुईं और दर्जनों सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया गया था।
देश के इतिहास में पहली बार खान के समर्थकों ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय पर धावा बोल दिया था और लाहौर में ऐतिहासिक कोर कमांडर हाउस में आग लगा दी थी। अब सेना ने इन उपद्रवों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का एलान कर दिया है। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त सेना अधिनियम और सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को पाकिस्तानी सेना का एक गंभीर कदम माना जा रहा है। इसके प्रावधानों के तहत खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थकों पर ऐसे आरोप लगाए जा सकते हैं जो मौत की सजा या आजीवन कारावास की सजा का कारण बन सकते हैं।
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