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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
– फोटो : Twitter/@ArvindKejriwal
विस्तार
दिल्ली में राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण बनाने के केंद्र के अध्यादेश को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि वो तो अब सुप्रीम कोर्ट को ही चुनोती दे रहे हैं। दिल्ली सीएम ने कहा कि कोर्ट बंद होने के बाद अध्यादेश लाया गया। अध्यादेश लाकर कोर्ट के आदेश को पलटा गया। ये अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना है। केंद्र का ये अध्यादेश गैरकानूनी है।
जैसे ही Supreme Court छुट्टियों के लिए बंद हुआ, केंद्र ने अध्यादेश लाकर SC का फ़ैसला पलट दिया।
इन्होंने आदेश को पलटने के लिए पहले से Ordinance लाने की तैयारी कर ली थी
आप Sequence of Events देखिए-
पहले 3 दिन Services Secretary गायब हो जाते हैं
फ़िर चीफ सेक्रेटरी गायब होते हैं,… pic.twitter.com/KHANjkkZnW
— AAP (@AamAadmiParty) May 20, 2023
सीएम केजरीवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार को कोर्ट की छुट्टियां होने से पहले अध्यादेश लाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की छुट्टी के लिए बंद होने के कुछ ही घंटे बाद सेवा मामलों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए केंद्र अध्यादेश लाया। केजरीवाल ने कहा कि वे गर्मी की छुट्टियों में सुप्रीम कोर्ट के बंद होने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने इंतजार किया क्योंकि वे जानते हैं कि यह अध्यादेश अवैध है। उन्हें पता है कि यह 5 मिनट कोर्ट में नहीं टिकेगा। जब 1 जुलाई को SC खुलेगा, तो हम इसे चुनौती देंगे।
दिल्ली के सीएम ने कहा कि जैसे ही सुप्रीम कोर्ट छुट्टियों के लिए बंद हुआ केन्द्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया। न्यायालय के आदेश को पलटने के लिए इन्होंने पहले से ही तैयाारी कर रखी थी।
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