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पीएम नरेंद्र मोदी
– फोटो : Social Media
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जापान के हिरोशिमा शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी दिन भर छाए रहे। इस दौरान उन्होंने कई बड़े नेताओं से मुलाकात भी की। बड़ी बात यह है कि भारत इस संगठन का हिस्सा नहीं है, लेकिन एक मेहमान देश के तौर पर पीएम मोदी इस शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। वहीं पीएम मोदी ने खाद्यान्न, उर्वरक और स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने की अपनी 10 सूत्री कार्य योजना का प्रस्ताव दिया।
इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक समावेशी खाद्य प्रणाली तैयार करने का यहां शनिवार को आह्वान किया, जो दुनिया के सबसे कमजोर लोगों पर ध्यान केंद्रित करे। हिरोशिमा में जी 7 शिखर सम्मेलन के एक सत्र में एक संबोधन में पीएम मोदी ने उर्वरक संसाधनों पर कब्जा करने वाली ‘विस्तारवादी मानसिकता पर रोक लगाने की वकालत की और प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण की पैरोकारी की।
प्रधानमंत्री मोदी की 10 सूत्री कार्य योजना में भोजन/खाद्यान्न की बर्बादी को कम करना, वैश्विक उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला का गैर-राजनीतिकरण, मोटे अनाज/श्रीअन्न को बढ़ावा देना, समग्र स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ावा देना, डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा को मजूबत करना और विकासशील देशों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास मॉडल तैयार करना शामिल है।
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