[ad_1]

Haryana News
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एचईआरसी (हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग) की सिफारिश के बाद उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली चोरी करने पर किसानों पर 60 गुना तक बढ़ाई गई दरों को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को किसानों के खिलाफ बताते हुए कहा कि एचईआरसी के आदेश मानने के लिए सरकार बाध्य नहीं है। इसलिए हरियाणा सरकार ने यूएचबीवीएन द्वारा जारी बढ़ी दरों के सर्कुलर को वापस ले लिया है। इसके अलावा, गरीब लोगों के लिए अंत्योदय ऊर्जा सुरक्षा योजना शुरू की है।
रविवार को हरियाणा निवास में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि निगम द्वारा जारी इस सर्कुलर से किसानों पर बहुत बड़ा जुर्माना तय हो रहा था। इस सर्कुलर में जुर्माने की राशि छह लाख रुपये तक बना दी गई थी जबकि पहले किसी किसान का अगर कोई डिफॉल्ट मिलता था तो उस पर 2000 रुपये से लेकर 20000 रुपये तक जुर्माना लगता था। जैसे ही सरकार को इस सर्कुलर के बारे जानकारी मिली तो हरियाणा सरकार ने यह निर्णय लिया कि किसान हित में हम इस सर्कुलर को लागू नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार कृषि क्षेत्र के फीडरों के लिए लगभग छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी राशि बिजली निगमों को हर साल दे रही है। सरकार किसानों से 10 पैसे प्रति यूनिट ट्यूबवेल की बिजली का बिल ले रही है लेकिन जुर्माना भारी मात्रा में लगाना ठीक नहीं है। एक सवाल के जवाब में मनोहर लाल ने कहा कि अगर एचईआरसी अपने फैसले पर अड़ती है और इसे लागू करती है तो हरियाणा सरकार बढ़ी हुई दरों से हिसाब से किसान की राशि जमा कराएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों का आह्वान किया है कि वे बिजली चोरी न करें।
[ad_2]
Source link