Home Breaking News G20 Kashmir: ‘रॉ-आईबी’ का ऑपरेशन बिल ‘ब्लॉक’! जिससे पड़ोसी मुल्क के चार ‘मुखौटों’ की साजिश हुई बेनकाब

G20 Kashmir: ‘रॉ-आईबी’ का ऑपरेशन बिल ‘ब्लॉक’! जिससे पड़ोसी मुल्क के चार ‘मुखौटों’ की साजिश हुई बेनकाब

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G20 Kashmir: ‘रॉ-आईबी’ का ऑपरेशन बिल ‘ब्लॉक’! जिससे पड़ोसी मुल्क के चार ‘मुखौटों’ की साजिश हुई बेनकाब

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जम्मू-कश्मीर में जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक सोमवार को शुरू हो गई। 22 मई से 24 मई तक आयोजित इस बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। कश्मीर घाटी में पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ के चार मुखौटों ने आतंकी हमले का हर संभव प्रयास किया। पाकिस्तान के आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ की जम्मू-कश्मीर में सक्रिय प्रॉक्सी विंग ‘पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट’ (पीएएफएफ) ने तो ’48 घंटे में 12 रास्तों पर खौफ’ पैदा करने वाली एक सूची जारी कर दी। कश्मीरी अवाम को चेतावनी दे दी कि वे इन जगहों से न गुजरें। ‘हम हर सड़क और हर सार्वजनिक चौराहे पर अपने खून से हर अपमान का बदला लेंगे, हम में से हर एक अपने साथ कई दुश्मनों को ले जाएगा’, इस मैसेज को भी वायरल करने का प्रयास किया। भारत की खुफिया एजेंसी ‘रॉ-आईबी’ ने भी अपने ऑपरेशन बिल ‘ब्लॉक’ के जरिए पाकिस्तान और उसके आतंकी गुर्गों की साजिश नाकाम कर दी। सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा घेरा तैयार किया गया कि कश्मीर घाटी में मौजूद आतंकियों को अपने बिलों से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका।

बेनकाब हुई पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की साजिश

कश्मीर में हो रही जी-20 बैठक के दौरान आतंकी हमला कराने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बड़ी साजिश रची है। हालांकि ‘जी-20’ की बैठक से कुछ दिन पहले आईएसआई के आतंकी संगठन ने पुंछ में भारतीय सेना के वाहन पर हमला किया था। उसमें पांच जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद राजौरी के कंडी जंगलों में बनी गुफाओं में छिपे आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में भी सेना के पांच जवानों ने शहादत दी। पहले आईईडी ब्लास्ट और फिर जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। ‘पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट’ (पीएएफएफ) के प्रवक्ता तनवीर अहमद राथर ने अपने बयान में इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी। बैठक शुरू होने से एक सप्ताह पहले भी उक्त आतंकी संगठन ने पुलवामा हमले की तर्ज पर कुछ बड़ा करने का दावा किया था। सुरक्षा बलों को भी ऐसा इनपुट मिला था कि कश्मीर घाटी में विस्फोटकों से भरा वाहन घूम रहा है। मुस्तैद इंटेलिजेंस एजेंसियां और सुरक्षा बलों ने ऐसा कोई हमला नहीं होने दिया। इसके बाद यात्रियों से भरी बस या हाउस बोट का अपहरण किए जाने की साजिश का खुलासा हुआ। हालांकि इन दोनों ‘इनपुट’ को ‘रॉ-आईबी’ ने हकीकत में तबदील होने से रोक दिया।

मुंबई अटैक 26/11 जैसा कुछ प्लान हुआ

सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद पाकिस्तानी आईएसआई ने ‘जी20′ की बैठक के दौरान मुंबई अटैक ’26/11’ जैसा कुछ प्लान किया। जिस होटल में विदेशी मेहमानों को ठहराने की व्यवस्था की गई है, वहां पर मुंबई हमले की तरह अटैक करने की रणनीति बनाई गई। यहां पर भी पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की कमजोर कड़ी, भारतीय एजेंसियों के हाथ लग गई। बारामूला के हैगाम सोपोर निवासी फारूक अहमद वानी, जो अब पुलिस की गिरफ्त में है, ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह आतंकियों के लिए ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ का काम करता है। वह गुलमर्ग स्थित फाइव स्टार होटल में ड्राइवर है। आतंकी संगठन, विदेशी मेहमानों को निशाना बनाना चाहते थे। पाकिस्तानी आईएसआई ने जम्मू कश्मीर में अपने मोहरे ‘लश्कर-ए-तैयबा’ के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) को तैयार किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संगठन को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। पाकिस्तान के दूसरे आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ ने भी जम्मू-कश्मीर में अपनी प्रॉक्सी विंग ‘पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट’ (पीएएफएफ) खड़ी की है। यह समूह भी यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित है।

अभी चुप नहीं बैठी है ‘आईएसआई’

पाकिस्तानी आईएसआई, कश्मीर में ‘जी20’ की बैठक के दौरान आतंकी हमला कराने के लिए प्रयासरत हैं। सूत्रों का कहना है कि अगले 48 घंटे अहम हैं। पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट के प्रवक्ता तनवीर अहमद राथर का वह प्रेस बयान इस बात की पुष्टि करता है, जिसमें एक बड़े आतंकी हमले का जिक्र है। पुंछ और राजौरी अटैक की जिम्मेदारी ले चुके आतंकी संगठन के प्रवक्ता ने लिखा है, आज हम सभी को साक्षी मानकर यह शपथ लेते हैं और जो हमें जानते हैं, वे यह भी जानते हैं कि हम अपने वचन को पूरा करते हैं। हम हर सड़क और हर सार्वजनिक चौराहे पर अपने खून से हर अपमान का बदला लेंगे, हम में से हर एक अपने साथ कई दुश्मनों को ले जाएगा। आज, कल या उसके अगले दिन। साथ ही आतंकी संगठनों ने ‘कश्मीर फाइट’ नाम से जारी अपने संदेश में उन जगहों की बात की है, जहां से कश्मीरी अवाम को न जाने की सलाह चेतावनी दी गई है। इन जगहों में डाउनटाउन, डल गेट, परिमपोरा, फोरशोर रोड, हैदरपोरा, हाइवे, साउथ कश्मीर, नरबल, सोपोर, गान्दरबल, 90 फीट और गुलमर्ग शामिल है।

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क्या है ‘रॉ-आईबी’ का ऑपरेशन बिल ‘ब्लॉक’

सूत्रों का कहना है कि जी20 मीटिंग के लिए श्रीनगर और उसके आसपास के कई स्थलों को सुरक्षा घेरे में लिया गया है। ऐसा नहीं है कि घाटी में पाकिस्तानी आतंकी या उनके स्थानीय गुर्गे नहीं हैं। मौजूदा समय में लगभग सवा सौ विदेशी यानी पाकिस्तान मूल के आतंकी घाटी में छिपे हैं। इसके अलावा करीब 70 लोकल आतंकी भी हैं। भारतीय सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों ने ऐसी कोई कमजोर कड़ी नहीं छोड़ी, जहां से आतंकी जी20 की बैठक तक पहुंच सकें। शहर में किसी भी तरह से आतंकियों का प्रवेश मुश्किल हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने एनएसजी, मार्कोस और कोबरा कमांडो के अलावा अन्य फोर्सेज को भी घाटी में तैनात किया है। जम्मू कश्मीर पुलिस की इंटेलिजेंस इकाई को साथ लेकर रॉ और आईबी ने आतंकी संगठनों के ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ व ‘अंडर ग्राउंड वर्करों’ पर अपना फोकस किया। इसमें काफी हद तक कामयाबी भी मिल रही है। दूर दराज के पहाड़ी इलाके, जहां से आतंकियों का प्रवेश संभव है, वहां सख्त पहरा लगाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों ने ऐसा कोई सुराख नहीं छोड़ा, जिससे आतंकियों या उनके ओवर ग्राउंड वर्कर को ‘जी20’ बैठक स्थल तक आने का कोई रास्ता मिल सके। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठनों की 21 मई को जारी उस चेतावनी को गंभीरता से लिया है, जिसमें आज, कल या उसके अगले दिन आतंकी हमला करने की बात कही गई है।

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