Home Breaking News सात समंदर पार दिखा जावेद के जादू का असर, हितेश-धर्मेश की जुगलबंदी के बीच लगे ठहाके

सात समंदर पार दिखा जावेद के जादू का असर, हितेश-धर्मेश की जुगलबंदी के बीच लगे ठहाके

0
सात समंदर पार दिखा जावेद के जादू का असर, हितेश-धर्मेश की जुगलबंदी के बीच लगे ठहाके

[ad_1]

मुंबई में जब सूरज इन दिनों अपने पूरे ताव में है तो हिंदी सिनेमा के तमाम कलाकार, फनकार और हुनरमंद दुनिया के उन देशों में अपने चाहने वालों से रूबरू हो रहे हैं जहां, मौसम की मार थोड़ी कम है। कमाल के गीतकार रहे जावेद अख्तर के चाहने वाले अमेरिका में इतने हैं कि वे शहर शहर जाकर उनसे मिल तो रहे हैं लेकिन उनके शोज की मांग लगातार बनी रहती है। जावेद इन दिनों अमेरिका और कनाडा के टूर पर हैं अपना शो ‘मैं कोई ऐसा गीत गाऊं’ लेकर।



कहते हैं कि जावेद अख्तर के प्रशंसकों की तादाद इतनी है कि उनकी हर शहर महफिल जमे तो भी शायद वह बाकी उम्र अपने सारे प्रशंसकों की हसरतें पूरी न कर सकें। वह जब भी किसी मुशायरे में होते हैं, तो दाद देने वालों की आवाजें पड़ोस वालों को भी बता देती हैं कि कोई दमदार शायर आया है मंच पर। और, बात संगीत संग संगत की हो तो फिर तो कहने ही क्या! शायरी और संगीत का ये संगम इन दिनों अमेरिका और कनाडा वालों को नसीब हो रहा है।


जावेद अख्तर के शो ‘मैं कोई ऐसा गीत गाऊं’ में शामिल हो रहे लोग बताते हैं कि ये शो बड़े कमाल का है। जावेद अख्तर मंच पर आते हैं तो ऐसी बातें बताते हैं कि लोग हैरान रह जाते हैं। ये बातें उनकी अपनी मौसिकी की तो होती ही हैं, साथ ही वह ये भी बताते हैं कि इन लाइनों के बीच की कहानियां क्या हैं। मसलन, ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ में इतनी सारी उपमाएं वह कैसे सोच पाए या फिर कि फिल्मों की कहानियां लिखते लिखते वह कैसे गानों की तरफ मुड़ गए?


‘मैं कोई ऐसा गीत गाऊं’  टूर पर जावेद अख्तर के साथ गई गायक मंडली में मेयंग चांग और जाह्नवी श्रीमंकर भी हैं। शो का सिलसिला जावेद की अपने प्रशंसकों से बेतकल्लुफ बातचीत से शुरू होता है। फिर वह कोई गाना अपनी यादों से चुनते हैं। बताते हैं कि गाना बना कैसे, क्या क्या मजेदार वाक्ये उस गाने को बनाने के दौरान हुए, वगैरह वगैरह। और, इशारा पाते ही संगीतकार हितेश प्रसाद और धर्मेश जोशी अपने साजिंदा को साथ इस गाने की धुन छेड़ देते हैं। धुन धीरे धीरे अपना रंग जमाती है। दर्शक झूमते हैं और मंच पर शुरू हो जाती है एक नई सरगम।


इस पूरी यात्रा में जावेद अख्तर के प्रशंसकों को उनकी शख्सियत का एक ऐसा पहलू भी देखने को खूब मिल रहा है जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलता। मंचीय प्रस्तुतियों के दौरान जावेद का जादू इस बात का है कि वह बहुत संजीदा तरीके से अपनी शायरी कहते हैं। लेकिन, इस बार माहौल जरा सा फिल्मी है तो जावेद अख्तर भी खूब मजे ले रहे हैं। वह गानों के साथ साथ अपने प्रशंसकों के सवालों का आनंद ले रहे हैं। प्रशंसक सवाल उछालते हैं और पिच पर पूरी तरह जम चुके जावेद अख्तर हर सवाल पर हास परिहास का ऐसा सिक्सर मारते हैं कि लोग बस जवाब की गेंद तलाशते रह जाते हैं।


[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here