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CII: ‘दूसरे विकासशील देशों से बेहतर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार’, देश के आर्थिक हालात पर पीयूष गोयल का भरोसा

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CII: ‘दूसरे विकासशील देशों से बेहतर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार’, देश के आर्थिक हालात पर पीयूष गोयल का भरोसा

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Piyush Goyal SAYS India's forex reserves at comfortable position to meet any requirements

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
– फोटो : ANI

विस्तार

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत के पास एक मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है। अगले पांच-छह साल में खराब-से-खराब परिस्थितियों में देश की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार संतोषजनक स्थिति में है।

11.7 बिलियन डॉलर का उछाल

बता दें, भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, 12 मई 2023 को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 3.55 बिलियन डॉलर की छलांग के साथ 599.53 बिलियन डॉलर पर जा पहुंचा है। पिछले दो हफ्ते आरबीआई के विदेशी मुद्रा भंडार में 11.7 बिलियन डॉलर का उछाल आया है। इससे पहले 5 मई को खत्म हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 595.97 अरब डॉलर रहा था।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि सरकारी प्रयासों ने मुद्रास्फीति के प्रबंधन में मदद की है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि रिजर्व बैंक ने भी इसे ‘मान्यता’ देते हुए पिछली मौद्रिक समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है।

पांच-छह साल मजबूती से खड़े हैं हम

विदेशी मुद्रा भंडार पर बात करते हुए गोयल ने कहा हमारे पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है। आज अपने विदेशी मुद्रा भंडार की वजह से भारत खराब से खराब स्थिति में भी अगले पांच-छह साल की जरूरतों को पूरा करने की दृष्टि से संतोषजनक स्थिति में है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी अन्य विकासशील देश इस तरह की बेहतर स्थिति में नहीं है। यह पहली बार है जब कारोबारी ब्याज दरों को विकसित देशों के समान देख रहे हैं।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि उद्योग को गुणवत्ता, नवाचार और कुशल जनशक्ति पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव देना चाहिए। यह मेरा मानना है कि यह निवेश के लिए, विकास के लिए और हमारे अंतरराष्ट्रीय पहुंच का विस्तार करने के लिए, प्रौद्योगिकी लाने के लिए, देश में नवाचार लाने के लिए एक अवसर है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत के व्यापारिक साझेदार चाहते हैं कि भारत मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के लिए तेजी से बातचीत करे। बता दें, फिलहाल भारत अभी कनाडा, ईएफटीए (यूरोपियन मुक्त व्यापार संघ), ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ इस तरह के समझौतों के लिए बातचीत कर रहा है।

यह नया भारत है

उन्होंने कहा कि यह वैश्विक व्यवस्था में भारत के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। एफटीए दो तरफा यातायात है। मुझे बहुत दुख होता है जब मुझे कभी-कभी कहा जाता है कि मैं (उद्योग) यूरोपीय संघ के बाजार तक पहुंच चाहता हूं, लेकिन कृपया उन्हें इसकी अनुमति न दें। गोयल ने कहा कि वे दिन गए। यह एक नया भारत है। यह एक ऐसा भारत है जो पूरी ताकत से और पूरे विश्वास के साथ दुनिया के साथ जुड़ता है।

मंत्री ने भरोसा जताया कि 2030 तक देश 2,000 अरब डॉलर के वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात के आंकड़े पर पहुंच जाएगा।

 

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