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महेंद्र सिंह धोनी को बेहद कुशल रणनीतिकार माना जाता है, लेकिन जब उनकी टीम चेन्नई सुपर किंग्स मंगलवार को चेपक स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस का सामना करेगी तो उन्हें बेहतरीन फॉर्म में चल रहे शुभमन गिल को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
शुभमन ने पिछले मैच में नाबाद शतक लगाकर विराट कोहली के शतकीय प्रयास पर पानी फेर दिया था जिससे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) की टीम आईपीएल से बाहर हो गई। ऐसे में चेन्नई के खिलाफ मैच में इस युवा बल्लेबाज पर सभी की निगाह टिकी होंगी। भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक धोनी उनके लिए निश्चित तौर पर विशेष रणनीति तैयार करेंगे।
चेन्नई का चुकाना है हिसाब
अभी तक दोनों टीमों के बीच तीन मैच हुए हैं और सभी में गुजरात जीतने में सफल रही है। यानी चेन्नई को गुजरात के खिलाफ पहली जीत की तलाश है। गुजरात के कप्तान हार्दिक चेन्नई के कप्तान धोनी को अपना गुरु और आदर्श मानते रहे हैं। इस सीजन का पहला मैच सीएसके और जीटी के बीच खेला गया था जिसमें चेले हार्दिक गुरु धोनी पर भारी पड़े थे। गुजरात ने पांच विकेट से जीत हासिल की थी।
पिच का मिजाज भी चुनौती
चेपक में चेन्नई ने सात मैच खेले हैं, लेकिन प्रत्येक मैच में पिच की प्रकृति बदली हुई नजर आई और इसलिए यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि आगामी मैच में इसका व्यवहार कैसे होगा। यह मैच इसलिए भी दिलचस्प बन गया है क्योंकि गुजरात की फ्रेंचाइजी भी लगभग चेन्नई के नक्शे-कदम पर ही आगे बढ़ रही है। उसका मजबूत प्रबंधन और प्रशासन क्रिकेट से जुड़े मुद्दों पर कभी हस्तक्षेप नहीं करता तथा अधिकतर फैसले आशीष नेहरा, गैरी कर्स्टन और विक्रम सोलंकी ही करते हैं। हार्दिक पांड्या के रूप में गुजरात टाइटंस के पास ऐसा कप्तान है जिन्हें कि धोनी की तरह अच्छा रणनीतिकार माना जा रहा है।
गुजरात का चेपक में पहला मैच
गुजरात की टीम भी चेन्नई की तरह अंतिम एकादश में बहुत अधिक बदलाव करने में दिलचस्पी नहीं रखती है, बेशक एक-दो मैच खराब भी हो जाएं। ऐसे में यह मुकाबला एक जैसी रणनीति वाली टीमों के बीच होगा जिससे यह दिलचस्प बन गया है। गुजरात टाइटंस ने इस सीजन में चेपक पर एक भी मैच नहीं खेला है।
शनाका हो सकते हैं महत्वपूर्ण
चेपक की पिच की धीमी प्रकृति से निपटना चुनौती होगी। इसके अलावा पावरप्ले में दीपक चाहर की गेंदबाजी और अंतिम ओवरों में मथीशा पथिराना का प्रदर्शन भी परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। ऐसे में पांड्या और नेहरा श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका से सलाह लेंगे क्योंकि वह जानते होंगे कि पथिराना और स्पिनर महेश तीक्ष्णा से कैसे निपटना है।
शनाका को ऑलराउंडर के तौर पर उपयोग किया जा सकता है, लेकिन टॉस को देखते हुए बाएं हाथ के स्पिनर आर साई किशोर को भी आजमाया जा सकता है जो यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। आयरलैंड के जोशुआ लिटिल को भी अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है।
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