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Varanasi Birthday: बनारस, काशी और अस्सी से वाराणसी तक का सफर, जन्म और पुनर्जन्म के चक्र से मिलती है मुक्ति

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Varanasi Birthday: बनारस, काशी और अस्सी से वाराणसी तक का सफर, जन्म और पुनर्जन्म के चक्र से मिलती है मुक्ति

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बनारस शहर।
– फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बनारस, काशी या वाराणसी दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक है। एक बार एक अंग्रेजी लेखक मार्क ट्वेन ने लिखा था कि बनारस इतिहास और परंपरा से भी पुराना है, यहां तक कि किंवदंतियों से भी पुराना है। 

आज हम वाराणसी की बात इसलिए कर रहे हैं कि क्योंकि आज वाराणसी का जन्मदिन है। 24 मई 1956 को वाराणसी का आधिकारिक नाम स्वीकार किया गया था। उससे पहले वाराणसी को बनारस, काशी अस्सी के नाम से जाना जाता था। 

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हर शहर का अपना इतिहास और जियोग्राफी होती है। लेकिन आधिकारिक नाम गजेटियर और दस्तावेजों में दर्ज होना जरूरी होता है। वाराणसी का नाम भी दस्तावेज में दर्ज होने के बाद से आधिकारिक हुआ। हांलाकि अभी भी लोगों की जुबां पर काशी और बनारस का नाम चढ़ा है लेकिन जिले का आधिकारिक नाम वाराणसी ही है। 

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