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सेंगोल पर सियासत
– फोटो : ANI
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देश में नई संसद और उसमें स्थापित होने जा रहा सेंगोल को लेकर राजनीति काफी जोरों पर है। नई संसद के उद्घाटन के अवसर पर तो पूरे विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया है। वहीं अब सेंगोल को लेकर मदुरै अधीनम के प्रधान महंत अंबालावना देसिगा परमाचार्य स्वामीगल ने कहा कि सेंगोल के गलत दावे से पीड़ा हो रही है।
शुक्रवार को उन्होंने कहा कि लॉर्ड माउंटबेटन ने सेंगोल 1947 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दिया था। अच्छा है कि प्रधानमंत्री मोदी सेंगोल को नई संसद में जगह देंगे। कल हम दिल्ली जा रहे हैं और हम सेंगोल प्रधानमंत्री मोदी को देंगे। इस संबंध में कुछ लोगों द्वारा किए गए गलत दावों से काफी दुख हुआ है।
महंत अंबालावना देसिगा परमाचार्य स्वामी ने कहा कि सेंगोल जो लोगों की नजरों से दूर था अब दुनिया के देखने के लिए संसद में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। सेंगोल को सौंपे जाने के सबूत के सवाल पर महंत ने कहा कि 1947 में समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में छपी तस्वीरों और रिपोर्टों सहित सबूत थे।
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