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लॉन्ग कोविड, महामारी की शुरुआत से ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए बड़ी चिंता रही है। गंभीर रोग के शिकार रहे लोगों में इसका जोखिम अधिक देखा जा रहा है। चूंकि ओमिक्रॉन वैरिएंट्स को हल्के लक्षणों वाला माना जाता रहा है, ऐसे में इससे संक्रमितों में पोस्ट कोविड सिंड्रोम का कैसा जोखिम देखा जा रहा है, आइए जानते हैं अध्ययनों में क्या पता चला है?
ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स के शिकार रहे लोगों में पोस्ट कोविड समस्याओं का कितना खतरा है? इसे जानने के लिए किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बड़ा खुलासा किया है।
द जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक भले ही ओमिक्रॉन, हल्के लक्षणों वाला वैरिएंट रहा हो पर इससे संक्रमित लगभग 10% लोगों ने लॉन्ग कोविड की सूचना दी है। हालांकि ये कोरोनावायरस के पहले के स्ट्रेनों से संक्रमित लोगों में पोस्ट कोविड के अनुमानित प्रतिशत से कम है।
शोधकर्ताओं ने महामारी के अलग-अलग समय में कोविड-19 से संक्रमित 8,646 वयस्कों और करीब 1,118 ऐसे लोगों के डेटा का अध्ययन किया जो संक्रमित नहीं थे। इसमें पाया गया कि ओमिक्रॉन के शुरुआती समय दिसंबर 2021 से जून के बीच में संक्रमित रहे 2,231 रोगियों में से करीब 10% ने छह महीने के बाद तक दीर्घकालिक लक्षणों या लॉन्ग कोविड की समस्याओं का अनुभव किया।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन लोगों को ओमिक्रॉन वैरिएंट आने से पहले टीका नहीं लगाया गया था उनमें संक्रमण के दौरान गंभीर मामले और लॉन्ग कोविड होने की आशंका अधिक थी।
इससे पहले जून 2022 की एक रिपोर्ट में सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने कहा था कि 5 में से 1 अमेरिकी ने लॉन्ग कोविड के बारे में सूचना दी थी। सितंबर 2021 में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि संक्रमण का शिकार रहे एक तिहाई से अधिक रोगियों में लॉन्ग कोविड के लक्षणों का अनुभव किया।
वैज्ञानिक अभी भी लॉन्ग कोविड के बारे में कई सवालों को जवाब ढूंढ रहे हैं, जैसे कि कितने प्रतिशत लोगों को यह होता है, कुछ लोगों को यह क्यों होता है और दूसरों को नहीं?
हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने लॉन्ग कोविड के कई लक्षणों को लेकर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। ब्रेन फॉग, चक्कर आना, पेट खराब होना, दिल की धड़कन में अनियमितता, यौन इच्छा या क्षमता की समस्या, गंध या स्वाद की कमी, क्रोनिक खांसी, सीने में दर्द जैसी दिक्कतें लंबे वक्त तक हो रही हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग संक्रमण के शिकार रह चुके हैं, उन्हें लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। लॉन्ग कोविड का खतरा ओमिक्रॉन संक्रमितों में भी हो सकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Development of a Definition of Postacute Sequelae of SARS-CoV-2 Infection
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