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Manipur violence
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
विस्तार
मणिपुर में तीन मई से लेकर अब तक हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं जारी हैं। वहां पर सेना, असम राइफल, सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस के कमांडो और दूसरे केंद्रीय बल तैनात हैं, मगर हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही। अभी तक 75 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, सैकड़ों घायल हैं। हजारों लोगों की प्रॉपर्टी आग के हवाले कर दी गई। सेना प्रमुख मनोज पांडे मणिपुर का दौरा कर चुके हैं। सोमवार से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय मणिपुर दौरा शुरू हो रहा है। जानकारों की मानें तो वहां की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। दिल्ली तक आधी अधूरी सच्चाई ही पहुंच रही है। मणिपुर में नक्सल समस्या और कश्मीर जैसे हालात बन रहे हैं। अब अमित शाह एक्शन में आए हैं। देखने वाली बात यह होगी कि जंगल/जमीन की लड़ाई रूपांतरण, पलायन, मंदिर, चर्च और अफीम के कारोबार से गुजरते हुए किसी पड़ाव पर खत्म होती है या नहीं।
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48 घंटे में एक हजार से ज्यादा स्वचालित हथियार लूटे
मणिपुर में जो हिंसा हो रही है, उसमें नगा, कुकी और मैतेई समुदाय शामिल हैं। नुकसान पहुंचाने और खाने वालों में यही तीनों समुदाय हैं। ये अलग बात है कि नगा वाले इलाक़ों में नुकसान कम है। इंफाल पश्चिम के कांगचुप, खुरखुल, इंफाल पूर्व के सगोलमंग व चुराचांदपुर के कई क्षेत्रों में दोबारा से हिंसा शुरू हो गई। गोलीबारी में कई लोग मारे गए हैं। ये सब घटनाएं उस वक्त हो रही हैं, जब मणिपुर में सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बल तैनात हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में मणिपुर पुलिस की इंडियन रिजर्व बटालियन संख्या 3, 6, 7, व 8 से लगभग एक हजार से ज्यादा स्वचालित हथियार लूटे गए हैं। थोउबल जिले में खंगाबोक स्थित मणिपुर पुलिस की आईआरबी से 70 हथियार लूट लिए गए। हालांकि एक दिन पहले ही बटालियन हेडक्वार्टर से लगभग 500 हथियार, असम राइफल के पास जमा कराए गए थे। छठी आईआरबी के हेडक्वार्टर से 300 हथियार लूट लिए गए। हिल पर स्थित टेंगोपोल पुलिस थाने से लगभग ढाई सौ हथियार लूटे गए। कुल मिलाकर दो दिनों में एक हजार से अधिक हथियार लूटे जा चुके हैं। हथियार लूटने का आरोप मैतेई समुदाय पर लगा है।
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