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पायलट-जादूगर की लड़ाई में आगे क्या होगा?
– फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए अभी से राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर बार की तरह लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच हो सकती है। एक ओर भाजपा सत्ता वापसी की कोशिश में लगी है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी आंतरिक लड़ाई से उभर कर राज बदलने का रिवाज बदलने की कोशिश में लगी है।
इसी कोशिश के तहत सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट की हाईकमान के सामने पेशी हुई। दोनों के बीच तकरार खत्म करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में करीब चार घंटे तक बैठक चली। गहलोत और पायलट भी मौजूद रहे।
इसके बाद दोनों केसी वेणुगोपाल के साथ बाहर आए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक की जानकारी दी। कहा, ‘हमने तय किया है कि राजस्थान में एकजुट होकर संयुक्त रूप से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे और कांग्रेस को जीत दिलाएंगे। अशोक गहलोत व सचिन पायलट दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। ये दोनों नेता साथ मिलकर चुनाव मैदान में जाएंगे।’ विवाद पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा, ‘दोनों (सचिन पायलट और अशोक गहलोत) ने इसका फैसला कांग्रेस हाईकमान पर छोड़ा है।’
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