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पीएम मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’
– फोटो : Twitter
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नेपाल के प्रधानमंत्री इन दिनों भारत दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी से भी मुलाकात की। दोनों देशों के पीएम के बीच रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखते हुए बातचीत हुई है। दोनों देशों के बीच कुछ द्विपक्षीय समझौते भी हुए हैं। भारत गुरुवार को त्रिपक्षीय व्यवस्था के तहत भारतीय पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क का उपयोग करके नेपाल से बांग्लादेश को बिजली बेचने की अनुमति देने पर सहमत हो गया है। वहीं इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि इस समझौते के तहत, हमने आने वाले 10 वर्षों में नेपाल से 10,000 मेगावाट बिजली आयात करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में भारत नेपाल से लगभग 450 मेगावाट बिजली का आयात करता है। फुकोट-करनाली और लोअर अरुण हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजनाओं पर समझौतों से बिजली क्षेत्र में सहयोग और मजबूत हुआ है।
दोनों पीएम ने वर्चुअल तरीके से चेकपोस्ट का किया उद्घाटन
अधिकारियों ने कहा कि भारतीय पक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ के बीच बातचीत के दौरान नेपाल को अपने फैसले से अवगत कराया। इस समझौते से रिश्ते और घनिष्ठ के साथ व्यापक होंगे। भारत और नेपाल ने कनेक्टिविटी, हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर, पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमा पार भुगतान तंत्र और एकीकृत चेक पोस्ट के निर्माण को शामिल करते हुए सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने नेपाल में नेपालगंज और भारत की ओर रुपैडीहा में एकीकृत चेकपोस्ट (आईसीपी) का भी उद्घाटन किया।
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