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जुलाई में लॉन्च हो सकता है चंद्रयान-3
– फोटो : सोशल मीडिया
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने गुरुवार को कहा कि मंगल ग्रह के लिए दूसरा मिशन अध्ययन के चरण में है क्योंकि अंतरिक्ष एजेंसी इस मिशन को पूरा करने के लिए उपलब्ध विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है।
इसरो के यूआर राव उपग्रह केंद्र के निदेशक एम शंकरन ने पीटीआई-भाषा से कहा कि अधिक वैज्ञानिक परिणामों के साथ मंगल मिशन बड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा, यदि आप मंगल ग्रह पर किसी नए मिशन की बात कर रहे हैं, तो व अभी भी अध्ययन के चरण में है। हम किसी मिशन को साकार करने के लिए हमारे पास उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) के संबंध में इसे काफी बड़ा या अधिक वैज्ञानिक परिणाम के साथ होना चाहिए। शंकरन ने कहा कि हम अभी अध्ययन के चरण में हैं और हम इस खास काम को अनुरूप बना रहे हैं।
भारत ने 5 नवंबर, 2013 को ‘मंगलयान’ नामक अपना पहला ‘मार्स ऑर्बिटर मिशन’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसने 24 सितंबर, 2014 से लाल ग्रह की परिक्रमा शुरू की थी। ऑर्बिटर का अक्तूबर 2022 में संपर्क टूट गया था और इस तरह मंगलयान-1 मिशन समाप्त हो गया था।
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