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Court Room
– फोटो : Social Media
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अमेरिकी राज्य ओक्लाहोमा के हाईकोर्ट ने पिछले साल लाए गए गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाले दो कानूनों असंवैधानिक करार दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत में जिन कानूनों को असंवैधानिक करार दिया है, वे दीवानी मुकदमे थे और निजी नागरिक मुकदमों पर निर्भर थे। इसके तहत आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता था। हालांकि, हाईकोर्ट के इस फैसले का हालांकि वर्ष 1910 के कानून पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जो विशेष स्थिति को छोड़कर अब भी राज्य में गर्भपात पर प्रतिबंध लगाता है।
दोनों कानूनों से चिकित्सा आपात के संबंध में विरोधाभास पैदा हुआ था। ओक्लाहोमा हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने 6-3 के मत-विभाजन से इन दोनों कानूनों को पलट दिया। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि दोनों कानून बहुत अधिक जटिल थे। न्यायाधीशों ने तर्क दिया कि एक महिला को चिकित्सा आपात स्थिति की आवश्यकता के बिना अपने जीवन को सुरक्षित रखने के लिए गर्भावस्था को समाप्त करने का संवैधानिक अधिकार है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ओक्लाहोमा रिपब्लिकन-नेतृत्व वाले कई राज्यों में से एक है, जिसने पिछले साल रो बनाम वेड (Roe v. Wade) मामले को पलटने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गर्भपात पर रोक लगाने की मांग की है। गर्भपात पर प्रतिबंध के बाद राज्य में कानूनी चुनौतियां तेजी से बढ़ी हैं। गर्भपात का मुद्दा एक नया राजनीतिक मोर्चा भी बन गया है। कुछ राज्यों के न्यायालयों ने फैसला सुनाया है कि गर्भपात के अधिकार राज्य के संविधानों द्वारा संरक्षित हैं।
डॉक्टरों ने किया फैसले का स्वागत
अदालत के इस फैसले का डॉक्टरों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि राज्य के गर्भपात कानूनों के बारे में अनिश्चितता ने गर्भपात करने से पहले गंभीर चिकित्सा जटिलताओं और गैर-व्यवहार्य गर्भधारण का सामना करने वाली महिलाओं को स्थिति खराब होने का इंतजार करने के लिए मजबूर किया। ओक्लाहोमा सिटी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डाना स्टोन ने कहा कि हमारे पास ऐसे कई मामले आए, जब हमें महिलाओं को कहना पड़ा कि हम उनके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सामान्य रूप से गर्भावस्था की समाप्ति की पेशकश करेंगे। पहले हमें उनकी स्थिति की निगरानी करनी होगी और यदि संक्रमण के लक्षण दिखाना शुरू करते हैं या रक्तचाप बढ़ता है, तभी हम कानूनी रूप से आपका इलाज करने में सक्षम होंगे।
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