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WTC Final: भारत के खिलाफ किया था डेब्यू, पिता शेन वॉर्न की टीम से थे खेले

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WTC Final: भारत के खिलाफ किया था डेब्यू, पिता शेन वॉर्न की टीम से थे खेले

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हाइलाइट्स

भारत के खिलाफ किया था डेब्यू
पिता शेन वॉर्न की टीम से थे खेले
टीम इंडिया के लिए बन सकता है खतरा

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 जून से इंग्लैंड के ओवल मैदान में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाएगा. दोनों टीमें इसकी तैयारियों में जुट गई है. भारत लगातार दूसरी बार WTC के फाइनल में पहुंचा है. पिछली बार न्यूजीलैंड ने खिताब जीतने का ख्वाब पूरा नहीं होने दिया था. इस बार रोहित ब्रिगेड हर हाल में खिताब जीतना चाहेगी. पर टीम इंडिया की राह में ऑस्ट्रेलिया का एक गेंदबाज रोड़ा साबित हो सकता है. इस गेंदबाज ने 4 महीने पहले भारत के खिलाफ ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से टेस्ट डेब्यू किया था और अपनी पहली ही सीरीज में लोहा मनवा दिया था और ओवल में होने वाले फाइनल में भारत के लिए चुनौती बन सकता है.

ऑस्ट्रेलिया के इस गेंदबाज का नाम है ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी. मर्फी ने इसी साल फरवरी-मार्च में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के नागपुर टेस्ट से डेब्यू किया था. उन्होंने 4 टेस्ट की सीरीज में कुल 14 विकेट लिए थे. वो नाथन लायन के बाद ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सीरीज में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. टॉड ने पहली ही टेस्ट पारी में 7 विकेट लेकर तहलका मचा दिया था. साल 1882 के बाद कंगारू टीम के लिए वो 23 साल से कम की उम्र में पांच विकेट लेने वाले पहले स्पिनर बने थे.

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मर्फी भारत के लिए बन सकते हैं खतरा
अब वो ओवल में भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ओवल में स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है. खुद ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बैटर स्टीव स्मिथ भी टीम इंडिया की इसी ताकत से डरे हुए हैं. वो कह चुके हैं कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को ओवल में भारत के स्पिन गेंदबाजों से संभलकर रहना होगा. ऐसे में यही बात टीम इंडिया पर भी लागू हो सकती है. क्योंकि मर्फी ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था. इसमें विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा शामिल थे. उन्हें टेस्ट डेब्यू का मौका भी अचानक ही मिला था.

कौन हैं टॉड मर्फी?
मर्फी ने अपने करियर की शुरुआत टॉप ऑर्डर बल्लेबाज की तौर पर की थी. मर्फी 16 साल की उम्र तक बैटर ही थे. लेकिन स्पिन गुरु कहे जाने वाले क्रेग हॉवर्ड की सलाह के बाद उन्होंने स्पिनर बनने की ठानी और इसके बाद से उनका करियर बदल गया. उनके पिता जेमी मर्फी है, जो क्लब क्रिकेटर रह चुके हैं. टॉड के पिता मेलबर्न के क्रिकेट क्लब सेंट किल्डा के लिए बतौर बल्लेबाज खेलते थे. महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न भी इस टीम का हिस्सा थे.

Tags: Australia, IND vs AUS, India vs Australia, WTC Final

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