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खाने का तेल
– फोटो : pixabay
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वैश्विक बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट देखी गई है। वहीं अब केंद्र सरकार ने शुक्रवार को खाद्य तेल संघों को वैश्विक बाजार के अनुरूप प्रमुख खाद्य तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को तत्काल प्रभाव से 8-12 रुपये प्रति लीटर कम करने का निर्देश दिया।
उद्योग प्रतिनिधियों के साथ खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद खाद्य मंत्रालय ने कहा कि जिन कंपनियां ने अपनी कीमतें कम नहीं की हैं और उनकी एमआरपी अन्य ब्रांडों की तुलना में अधिक है, उन्हें भी अपनी कीमतें कम करने की सलाह दी गई है। बयान के अनुसार विनिर्माताओं और रिफाइनरों द्वारा वितरकों को दी जाने वाली कीमत को भी तत्काल प्रभाव से कम करने की जरूरत है ताकि कटौती का असर साफ तौर पर दिखे।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि प्रमुख खाद्य तेल संगठनों को सलाह दी गई है कि वे इस मुद्दे को तुरंत अपने सदस्यों के सामने उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रमुख खाद्य तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को तत्काल प्रभाव से 8-12 रुपये प्रति लीटर कम किया जाए।
मंत्रालय ने कहा कि खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट जारी है और खाद्य तेल उद्योग द्वारा और कटौती की तैयारी की जा रही है। वैश्विक कीमतों में लगातार गिरावट के बीच खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में और कमी पर चर्चा के लिए एक महीने के भीतर बुलाई गई दूसरी बैठक में सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक में मंत्रालय ने कहा कि आयातित खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट जारी है और इसलिए खाद्य तेल उद्योग को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि घरेलू बाजार में कीमतों में भी उसी अनुपात में गिरावट आए।उद्योग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि वैश्विक बाजार में कीमतों में गिरावट को अंतिम उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचाया जाए।
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