[ad_1]

सुब्रत पाठक
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कन्नौज सांसद बनने के बाद यह दूसरी बार है कि सुब्रत पाठक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। दोनों ही मामलों में उनका नाम प्रशासन से भिड़ने को लेकर पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। पहली बार लॉकडाउन के दौरान सदर तहसीलदार को उसके सरकारी आवास में पिटाई के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
अब अपहरण के आरोपियों को छुड़ाने के आरोप में पुलिस से गालीगलौज करने और मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई है। सांसद बनने के पहले सुब्रत पाठक के खिलाफ सपा शासन के दौरान कई गंभीर आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
उनमें कई मामलों में वह बरी हो चुके हैं, कुछ का मामला अदालत में विचाराधीन है, लेकिन सांसद बनने के बाद जब प्रदेश में उनकी ही पार्टी की सरकार है तो भी उनके खिलाफ दो बार रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
सांसद बनने के ठीक एक साल बाद पहली बार उनके खिलाफ तब एफआईआर दर्ज हुई थी, जब कोरोना काल के दौरान लगे पहले लॉकडाउन में उनपर सदर तहसील परिसर स्थित तहसीलदार के सरकारी आवास में घुसकर तहसीलदार की पिटाई का आरोप लगा था।
[ad_2]
Source link