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World Environment Day 2023: क्यों और कैसे हुई विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत? जानें इतिहास और थीम

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World Environment Day 2023: क्यों और कैसे हुई विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत? जानें इतिहास और थीम

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World Environment Day 2023 : जनजीवन की सुरक्षा के लिए पर्यावरण को सुरक्षित और संरक्षित रखने की जरूरत है। आधुनिकता की ओर बढ़ रहे विश्व में विकास की राह में कई ऐसी चीजों का उपयोग शुरू कर दिया है, जो धरती और पर्यावरण के लिए घातक है। इंसान और पर्यावरण के बीच गहरा संबंध है। प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है। लेकिन इसी प्रकृति को इंसान नुकसान पहुंचा रहा है। लगातार पर्यावरण दूषित हो रहा है, जो जनजीवन को प्रभावित करने के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की भी वजह बन रहा है।

सुखी व स्वस्थ जीवन के लिए प्रकृति की सुरक्षा और पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाता है और पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आइए जानते हैं कि कब पर्यावरण दिवस है, कैसे और क्यों इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई।

कब मनाते हैं विश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस हर साल जून के महीने में मनाया जाता है। भारत समेत विश्वभर में 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाते हैं। इस मौके पर सभी देश अलग अलग तरीके से पर्यावरण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। 

पर्यावरण दिवस का इतिहास 

विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत 1972 में हुई थी। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 5 जून 1972 को पहला पर्यावरण दिवस मनाया, तब से हर वर्ष इस दिन को मनाया जाने लगा।

किस देश में मनाया गया था पहला पर्यावरण दिवस

संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का फैसला लिया था लेकिन पर्यावरण दिवस सबसे पहले स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में मनाया गया। 1972 में स्टॉकहोम में पहली बार पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें 119 देशों में हिस्सा लिया था।

पर्यावरण दिवस मनाने का उद्देश्य

दुनिया में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। इसी बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रकृति पर खतरा बढ़ रहा है। जिसे रोकने के उद्देश्य से पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत हुई, ताकि लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाए और प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

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