[ad_1]

मुख्तार को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद अजय राय
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक बात आज कहना चाहता हूं, जो बीते 32 वर्षों में किसी से नहीं कहा। बड़े भाई अवधेश की चिता जब जल रही थी तभी मैंने कसम खाई थी कि कभी डरूंगा नहीं… डटा रहूंगा… और, अपराधियों को सजा दिलाकर ही दम लूंगा…। मेरे गले में पड़ी भाई की रुद्राक्ष की माला मुझे रोजाना यह एहसास कराती थी कि हत्यारों को हर हाल में सजा दिलानी है।
माफिया के साथ ही सरकारें और सिस्टम लगातार हमारे खिलाफ रहे, लेकिन आज जीत न्याय की हुई। यह कहना है मृत अवधेश के छोटे भाई व पूर्व मंत्री अजय राय का। अजय ही मामले में मुख्य गवाह रहे। भाई अवधेश राय की हत्या में दोष सिद्ध करार दिए गए माफिया मुख्तार अंसारी को लेकर अजय राय ने सोमवार की दोपहर अमर उजाला संवाददाता से विशेष बात की।
कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा कि बड़े भाई अवधेश की हत्या के बाद मेरे मां-पिता को गहरा सदमा लगा। वह चारपाई पर आ गए और उन्हें याद करते हुए कुछ वर्षों में ही चल बसे। हमारा परिवार बिखर गया। भाई अवधेश ही परिवार के हर सदस्य की छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखते थे।
हत्या से पहले ही उनकी धर्मपत्नी और मेरी भाभी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से चल बसी थीं। उनकी फूल सी बेटी हनी जब भी हमारी ओर देखती थी तो हमें लगता था कि वह हमसे बस यही पूछ रही है कि चाचा, मेरे पापा के साथ गलत करने वालों को क्या कभी सजा मिलेगी…? फिर, कभी सरकार तो कभी सिस्टम की ओर से रोड़े अटकाए जाते थे, लेकिन मैं विचलित नहीं हुआ।
[ad_2]
Source link