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आज का शब्द: धूप और द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- हम सब सुमन एक उपवन के

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आज का शब्द: धूप और द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- हम सब सुमन एक उपवन के

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                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- धूप, जिसका अर्थ है- सूर्य का प्रकाश और ताप, घाम, पूजा में सुगंधित धुआँ उत्पन्न करने के लिए जलाया जाने वाला पदार्थ। प्रस्तुत है द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- हम सब सुमन एक उपवन के 
                                                                                                
                                                     
                            

हम सब सुमन एक उपवन के
एक हमारी धरती सबकी
जिसकी मिट्टी में जन्मे हम
मिली एक ही धूप हमें है
सींचे गए एक जल से हम।
पले हुए हैं झूल-झूल कर
पलनों में हम एक पवन के
हम सब सुमन एक उपवन के।।

रंग रंग के रूप हमारे
अलग-अलग है क्यारी-क्यारी
लेकिन हम सबसे मिलकर ही
इस उपवन की शोभा सारी
एक हमारा माली हम सब
रहते नीचे एक गगन के
हम सब सुमन एक उपवन के।।

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6 hours ago

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