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CRPF
– फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt
विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीआरपीएफ’ में एक अनूठा मामला सामने आया है। सिपाही/जीडी हरेंद्र राम ने एक-दो नहीं, बल्कि पांच शादियां कर डालीं। खास बात है कि बल को यह बात मालूम नहीं चली। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब सिपाही पांचवीं शादी कर चुका था। उसकी चौथी पत्नी को कहीं से यह मालूम हुआ कि सिपाही हरेंद्र ने तो दूसरी जगह शादी कर ली है। इसके बाद उसने यह भी पता लगा लिया कि हरेंद्र ने तो पांच शादियां की हैं। सभी पत्नियां जीवित हैं। तब जाकर उसने सीआरपीएफ की 9वीं बटालियन को विस्तृत शिकायत की। सीआरपीएफ ने इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट पेश कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सिपाही हरेंद्र की नौकरी पर तलवार लटक गई है। ये मामला हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13, सिविल सेवा (आचरण) नियमावली 1964 21 (2) एवं सीआरपीएफ अधिनियम 1949 की धारा 11 (1) के साथ पठित सीआरपीएफ नियमावली, 1955 के नियम 27 के अधीन दंडनीय अपराध है।
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आरोपी को अपनी बात रखने का समय दिया गया
सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारी ने सिपाही/जीडी हरेंद्र राम के मामले की जांच रिपोर्ट बल मुख्यालय को सौंपी है। सिपाही 9वीं बटालियन में तैनात है। विभागीय जांच में आरोपी को भी 17 फरवरी 2023 को अपनी बात रखने का मौका दिया गया था। आरोपी ने तय समय पर अपनी बात रखी। इस केस की जांच पड़ताल के दौरान कई लोगों के बयान दर्ज किए गए थे। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सिपाही हरेंद्र राम पर आरोप है कि उसने ड्यूटी पर रहते हुए सीआरपीएफ अधिनियम, 1949 की धारा 11 (1) के साथ पठित सीआरपीएफ नियमावली, 1955 के नियम (15) के अधीन बल का सदस्य/केंद्रीय कर्मचारी होने की हैसियत से आदेशों की अवज्ञा/कदाचार किया है।
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