[ad_1]

कथावाचिका शिवरंजनी तिवारी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शादी की चाह रखने वाली एमबीबीएस की छात्रा और कथावाचिका शिवरंजनी तिवारी मंगलवार को सिर पर कलश रख महोबा पहुंची। धीरेंद्र शास्त्री को अपना प्राणनाथ कहने वाली शिवरंजनी का जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। महिलाओं ने उनकी आरती उतारकर स्वागत किया।
शिवरंजनी 16 जून को मध्यप्रदेश के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम पहुंचेगी और दिव्य दरबार में शामिल होंगी। मूलरूप से शिवनी मध्यप्रदेश निवासी शिवरंजनी तिवारी ने एक मई को गंगोत्री से सिर पर गंगाजल का कलश रखकर पदयात्रा शुरू की। वह मध्यप्रदेश के चर्चित बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुईं थी।
करीब 1,150 किमी की दूरी तय करते हुए इस भीषण गर्मी में शिवरंजनी अपने पिता और भाई के साथ बुंदेलखंड के महोबा पहुंची। जहां भक्तों ने जगह-जगह स्वागत किया। महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए उनकी आरती उतारी। एमबीबीएस की छात्रा पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से इस कदर लगाव रखती हैं कि पैदल ही अपने प्राणनाथ से मिलने के लिए चल पड़ी हैं।
उन्होंने संदेश दिया है कि सभी लोग बालाजी सरकार बागेश्वर धाम सरकार से जुड़े। बताया कि दस दिन पहले तक उन्हें कोई नहीं जानता था। जब से वह बालाजी सरकार के चरणों से जुड़ी हैं तो उन्हें घर-घर पहचान मिली है।
[ad_2]
Source link