Home Breaking News MP News: चुनाव आते ही कथावाचक शास्त्री, मिश्रा और किशोरी के कैलेंडर बुक, जानें नेताओं पर ये क्यों हैं भारी?

MP News: चुनाव आते ही कथावाचक शास्त्री, मिश्रा और किशोरी के कैलेंडर बुक, जानें नेताओं पर ये क्यों हैं भारी?

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MP News: चुनाव आते ही कथावाचक शास्त्री, मिश्रा और किशोरी के कैलेंडर बुक, जानें नेताओं पर ये क्यों हैं भारी?

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साल के अंत में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के सभी कथावाचकों और बाबाओं के कैलेंडर अभी से बुक हो गए हैं। आलम यह है कि चाहे भाजपा हो या फिर कांग्रेस, हर कोई इनकी कथा का भव्य आयोजन करवाने में लगा हुआ है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री हों या पंडित प्रदीप मिश्रा या फिर पंडोखर सरकार हों या जया किशोरी। इन दिनों कोई भी कथावाचक खाली नहीं है। मध्यप्रदेश ही नहीं पड़ोसी चुनावी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी इन कथावाचकों की धूम मची हुई है।

अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि बड़े-बड़े नेताओं पर ये कथावाचक और बाबा भारी पड़ रहे हैं। इनके एक कार्यक्रम में औसतन दो लाख लोग जुट रहे हैं। नेता इन कथा और दिव्य दरबार का कार्यक्रम तय कराने के लिए परेशान घूम रहे हैं। वहीं जिन्हें कथा का समय मिल गया, वह करोड़ों रुपये लगाकर इनके भव्य आयोजन की तैयारियों में जुट गया है। प्रदेश में बीते 6 महीने में 500 से अधिक धार्मिक कथाओं का आयोजन हो चुका है। इनमें से अधिकांश कथाएं नेताओं द्वारा आयोजित कराई गई हैं।

हिंदुत्व के नए पोस्टर ब्वॉय बनकर उभर रहे पंडित शास्त्री

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की धूम इन दिनों प्रदेश ही नहीं पूरे देश में है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर शास्त्री हिंदुत्व के नए पोस्टर ब्वॉय के रूप में सामने आए हैं। मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी उनकी कथाओं और उनके दरबार की मांग बढ़ती जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत प्रदेश सरकार के दिग्गज मंत्री और दोनों पार्टियों के कई विधायक और सांसद भी पंडित शास्त्री के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुल नाथ छिंदवाड़ा में धीरेंद्र शास्त्री की कथा कराना चाहते हैं।

बागेश्वर धाम से जुड़े सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि 20 से 22 जून तक भोपाल, मध्यप्रदेश, 26 से 28 जून के राजगढ़ खिलचीपुर, 6 से 8 जुलाई दिल्ली, 10 से 16 जुलाई नोएडा में कथा का आयोजन होगा। कई नेताओं के कार्यक्रमों को लेकर अभी चर्चा चल रही है। जबकि कुछ की ‘फाइनल’ हो चुकी है। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में तारीखों को लेकर बहुत दिक्कतें हैं। फिर भी नेता कथा और दरबार के लिए जोर लगा रहे हैं। शास्त्री की अगले साल जनवरी तक की बुकिंग हो गई है।  

पंडित धीरेंद्र शास्त्री अप्रैल में विदिशा में बटेश्वर में कथा कर चुके हैं। इसमें सीएम चौहान भी शामिल हुए थे। जबकि मार्च में पनागर जबलपुर में भाजपा विधायक सुशील तिवारी कथा करा चुके हैं। इसी तरह मई में सुरखी विधानसभा के जैसीनगर में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी इनकी कथा करा चुके हैं। मई में ही परसवाड़ा, बालाघाट में मंत्री रामकिशोर कांवरे कथा करा चुके हैं। जून में सुवासरा, मंदसौर में मंत्री हरदीप सिंह डंग कथा करा चुके हैं। इसके अलावा टीकमगढ़, अशोक नगर, भिंड, दमोह में भी उनकी कथा हो चुकी है।

शिवराज और पीएम मोदी की तारीफ करने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अलावा एमपी में कथावचक पंडित प्रदीप मिश्रा को भी श्रद्धालु पसंद करते हैं। मिश्रा की डिमांड मालवा-निमाड़, भोपाल और नर्मदापुरम में अधिक है। पंडित मिश्रा कोविड काल में सोशल मीडिया पर इतनी तेजी से प्रसिद्ध हुए कि अब उनकी कथाओं में 5 से 10 लाख की भीड़ उमड़नी आम बात हो चुकी है। भाजपा के अलावा कांग्रेस नेता भी उनकी कथा करा चुके हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग अपने निर्वाचन क्षेत्र में इनकी कथा करवा रहे हैं। यह कथा 14 जून तक चलेगी। पंडित मिश्रा कथा के दौरान कभी भी राजनीतिक बयानबाजी भी करते हुए नजर आते हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो ‘मोदी है तो हिंदू है’ भी वायरल हुआ था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी अपने क्षेत्र छिंदवाड़ा में पंडित मिश्रा की कथा की तैयारी कर रहे हैं। समय मिलते ही यहां भव्य कथा का आयोजन किया जाएगा। मिश्रा बहुत ही साधारण तरीके से शिव महापुराण की कथा सुनाने के लिए जाने जाते हैं। वे अपनी कथा में लोगों की समस्याओं के उपाय भी बताते हैं, जो शिव पूजा पर आधारित होते हैं। लाखों श्रद्धालु उनकी कथा को रोज टीवी, यू ट्यूब और फेसबुक के जरिए लाइव देखते हैं। पंडित मिश्रा की तरफ से चमत्कारी रुद्राक्ष भी बांटे जाते हैं। दावा है कि इस रुद्राक्ष में लोगों की सभी समस्याओं को दूर करने की चमत्कारी शक्ति है।

एमपी ही नहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी कथा का आयोजन

जुलाई 2 से 3 मध्यप्रदेश के सीहोर, 5 से 11 जुलाई राजस्थान के पुष्कर, 12 से 18 जुलाई राजस्थान के अलवर,1 से 7 अगस्त तिल्दा नेवरा छत्तीसगढ़, 18 से 24 अगस्त सुवासरा मध्यप्रदेश, 28 अगस्त से 1 सितंबर तक बालोद छत्तीसगढ़, 24 से 30 सितंबर तक सीहोर मध्यप्रदेश, 7 से 13 अक्तूबर कोरिया छत्तीसगढ़, 26 से 1 नवंबर खंडवा मध्यप्रदेश। इसके पहले पंडित मिश्रा अब तक प्रदेश में छह कथा कर चुके हैं। इनमें बुरहानपुर, सीहोर, बेटमा, उज्जैन और देपालपुर शामिल है।

लंबे अरसे बाद दतिया से बाहर निकले पंडोखर सरकार

पंडित धीरेंद्र शास्त्री और पंडित प्रदीप शर्मा के बाद एमपी में पंडोखर सरकार की चर्चा भी जोरों पर है। पंडोखर सरकार इन दोनों से सबसे पुराने हैं। वे 1991 से लोगों का भविष्य बता रहे हैं। उनका साफ कहना है कि मेरी ही नकल करके पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर्चा लिखते हैं। चाहे कोई भी विधानसभा चुनाव हो या फिर लोकसभा चुनाव हर बार भाजपा कांग्रेस के दिग्गज नेता पंडोखर सरकार यहां हाजिरी भरने जाते हैं। दतिया से 51 किमी दूर पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज के दरबार में प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व मंत्री इमरती देवी, पूर्व विधायक हेमंत कटारे सहित दूसरे नेता अपना मत्था टेकने जा चुके हैं। एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह पहले ही इनका आर्शीवाद ले चुके हैं।

भिंड के बरहा गांव के मूल निवासी गुरुशरण महाराज उर्फ पंडोखर सरकार लंबे समय तक दतिया में अपने धाम में ही रहकर लोगों का भविष्य बताते रहे हैं। चुनावी साल में वे अपने धाम से निकलकर राजधानी भोपाल समेत अन्य शहर पहुंचे हैं। बड़ी तदाद में भाजपा-कांग्रेस के नेता उनका आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। पंडोखर सरकार का झुकाव कांग्रेस की ओर माना जाता है। लेकिन उनके दरबार में भाजपा के नेता भी जाते हैं। पंडोखर सरकार पूर्व विधायक इमरती देवी को हार के लिए उनकी ही पार्टी के नेताओं का हाथ होने की बात बता चुके हैं। हाल ही में हेमंत कटारे को विधायक बनने की भविष्यवाणी की है। पंडोखर सरकार कहते हैं कि हनुमानजी की उन पर विशेष कृपा है। वे कोई चमत्कार नहीं करते बल्कि हनुमानजी की कृपा से ही लोगों के मन की बात जान लेते हैं। पंडोखर धाम में बकायदा शुल्क देकर लोग अपना भविष्य जानने जाते हैं। यहां अधिक पैसे देकर वीवीआईपी व्यवस्था भी प्राप्त कर सकते हैं।

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जया किशोरी की लोकप्रियता एमपी के अलावा राजस्थान और अन्य राज्यों में भी

राजस्थान के छोटे से गांव सुजानगढ़ में जन्मी जया किशोरी का प्रभाव भी मध्यप्रदेश के कई इलाकों में है। बीते दिनों जया किशोरी की कथा के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भीड़ जुटी। भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं को उनके दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। संगीतमय और भावपूर्ण तरीके से जया किशोरी कथा का वाचन करती हैं। जया किशोरी कथा वाचन के साथ ही मोटिवेशनल स्पीच भी देती हैं। वह बुजुर्गों के साथ ही युवाओं में भी बेहद लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया में लाखों में उनके फॉलोअर्स हैं। जया किशोरी 6 साल की उम्र से कथा कह रही हैं। जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान में उनके कई कार्यक्रम दिसंबर तक बुक हो गए हैं।

अब तक भाजपा-कांग्रेस ये नेता करवा चुके हैं कथा का आयोजन

  • गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा करवा चुके हैं।
  • जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट इंदौर स्थित सिंगापुर सिटी में कथा वाचक मदन मोहन महाराज की कथा करवा चुके हैं।
  • कृषि मंत्री कमल पटेल ने हरदा में जया किशोरी की श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करवाया था।
  • पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव सागर के गढ़कोटा में मलूक पीठाधीश्वर जगद्गुरु देवाचार्य राजेंद्र व्यास की कथा करवा चुके हैं।
  • नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह खुरई के गुलाबरा बगीचा में संत कमल किशोर नागर की कथा करवा चुके हैं।
  • राज्य मंत्री ओपीएस भदौरिया भिंड के दंदरौआ धाम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा करवा चुके हैं।
  • मंत्रियों के अलावा भाजपा विधायक राम दांगोरे खंडवा, विधायक जजपाल सिंह जज्जी, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, भाजपा सांसद केपी यादव भी कथा करवा चुके हैं।
  • कांग्रेस से पूर्व मंत्री तरुण भनोट, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक संजय शुक्ला, विधायक अजय टंडन, विधायक शशांक भार्गव भी कथा करवा चुके हैं।

 

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