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Calcutta high court
– फोटो : Social Media
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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन गुरुवार को कई जगहों से हिंसा की खबरें सामने आईं। एक दिन बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की अवधि चौबीस घंटे के लिए बढ़ाई है, जिन्हें कथित तौर पर नामांकन दाखिल करने से रोका गया था। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो रही है और उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि वे ‘एक या दो छिटपुट’ घटनाओं को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बनर्जी का यह बयान राज्यपाल सीवी आनंद बोस की उस टिप्पणी के कुछ देर बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भंगोर में राजनीतिक हिंसा समाप्त होनी चाहिए, जहां एक दिन पहले दो दलों के समर्थक आपस में भिड़ गए थे, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि वह पहले ही बनर्जी के साथ स्थिति पर चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘बंगाल के अलावा कोई और राज्य नहीं है जहां पंचायत चुनाव नामांकन प्रक्रिया इतनी शांतिपूर्ण है। विपक्षी दल माकपा, कांग्रेस, भाजपा और आईएसएफ नामांकन प्रक्रिया के दौरान एक या दो घटनाओं के लिए हमें दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा और माकपा के साथ गठबंधन करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने यह भी कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि तृणमूल कांग्रेस भाजपा के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्तर पर उनका समर्थन करेगी। इससे पहले भंगोर में स्थिति का जायजा लेने के बाद राज्यपाल ने कहा था कि बंगाल के कुछ हिस्सों में कुछ अवांछनीय घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा, मैंने उनके बारे में अपने निष्कर्ष निकाल लिए हैं। कोई भी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हमें इसे समाप्त करना होगा।
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